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देश ने मुझे बहुत प्यार दिया लेकिन जूते भी बहुत मारे, दर्द हुआ, पर मुझे सिखाने के लिए किया- राहुल गांधी

09 अप्रैल 2022
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देश ने मुझे बहुत प्यार दिया लेकिन जूते भी बहुत मारे, दर्द हुआ, पर मुझे सिखाने के लिए किया- राहुल गांधी

Politalks.News/RahulGandhi. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं वायनाड सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आज दिल्ली के जवाहर भवन से अपने विपक्षियों को जमकर आड़े हाथ लिया. जवाहर भवन में पूर्व आईएएस अधिकारी के राजू द्वारा संपादित पुस्तक ‘द दलित ट्रुथ‘ का राहुल गांधी ने विमोचन किया. यह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ‘रीथिंकिंग इंडिया‘ श्रृंखला का आठवां खंड है. राहुल गांधी ने पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बताया कि कैसे उन्होंने दलित समाज के बारे में सोचना शुरू किया. इस दौरान राहुल गांधी ने बिना किसी का नाम लिए G-23 गुट पर तंज कसा तो वहीं बीजेपी (BJP) और RSS पर भी जमकर निशाना साधा. इसके साथ ही हाल ही में … Read more

Politalks.News/RahulGandhi. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं वायनाड सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आज दिल्ली के जवाहर भवन से अपने विपक्षियों को जमकर आड़े हाथ लिया. जवाहर भवन में पूर्व आईएएस अधिकारी के राजू द्वारा संपादित पुस्तक ‘द दलित ट्रुथ‘ का राहुल गांधी ने विमोचन किया. यह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ‘रीथिंकिंग इंडिया‘ श्रृंखला का आठवां खंड है. राहुल गांधी ने पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बताया कि कैसे उन्होंने दलित समाज के बारे में सोचना शुरू किया. इस दौरान राहुल गांधी ने बिना किसी का नाम लिए G-23 गुट पर तंज कसा तो वहीं बीजेपी (BJP) और RSS पर भी जमकर निशाना साधा. इसके साथ ही हाल ही में सम्पन्न हुए उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘चुनाव के दौरान हमने मायावती (Mayawati) से गठबंधन कर मुख्यमंत्री बनने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने बात तक नहीं की.’

दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित ‘द दलित ट्रुथ‘ किताब के लॉन्चिंग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, ‘मेरे ऊपर देश का कर्ज है, मैं सोचता हूं कि मेरे देश ने मुझे ये प्यार दिया, इज्जत दी, मैं इसको कैसे निभाऊं. हालांकि देश ने मुझे बहुत जूते भी मारे, मुझे दर्द भी हुआ पर मैं जानता हूं देश मुझे सिखाना चाहता है इसलिए मैं देश को समझने की कोशिश करता हूं.’ राहुल गांधी ने कहा कि, ‘संविधान हिंदुस्तान का हथियार है. मगर संस्थानों के बिना संविधान का कोई मतलब नहीं है. हम कहते हैं कि संविधान की रक्षा करनी है, संविधान संस्थानों के द्वारा लागू होता है, मगर सभी संस्थान संघ के हाथों में हैं. यह आक्रमण कोई नई बात नहीं है, ये आक्रमण उस दिन शुरु हुआ था, जब महात्मा गांधी की छाती पर गोलियां मारी गई. अंबेडकर जी ने संविधान को बनाने का काम किया, अंबेडकर जी ने हमें संविधान के रुप में एक हथियार दिया, मगर आज उस हथियार का कोई मतलब ही नहीं है.’ 

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राहुल गांधी ने कहा कि, ‘देश में संविधान को कुचला जा रहा है. यह सब 3-4 अरबपतियों और पेगासस से मीडिया को और राजनेताओं को नियंत्रण में करके किया जा रहा है. पेगासस, सीबीआई, ईडी, ये सब राजनीतिक व्यवस्था को नियंत्रित करते हैं. आज संविधान बचाने के लिए लड़ने की जरुरत है. महात्मा गांधी जी, अंबेडकर जी ने रास्ता दिखाया है, उस रास्ते पर चलते की जरुरत है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि, ‘संस्थान के बिना संविधान’ का कोई मतलब नहीं है क्योंकि संस्थान के बिना संविधान को लागू नहीं किया जा सकता.’

इस दौरान राहुल गांधी ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि, ‘हमने मायावती को मेसेज दिया कि गठबंधन करिए, मुख्यमंत्री बनिए, लेकिन उन्होंने बात तक नहीं की, उन्होंने हमसे बात करने तक की जहमत नहीं उठाई क्योंकि सीबीआई और ईडी से डरती हैं वो. कांशीराम ने दलितों को आवाज दी, दलितों को जगाया लेकिन आज मायावती कहती हैं कि वह दलितों की आवाज के लिए नहीं लड़ेंगी.’

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मंच से राहुल गांधी ने G-23 सहित कई नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि, ‘मैं आपको बताना चाहता हूं, जैसे-जैसे आप राजनीति में आगे बढ़ते हैं. आप पाते हैं कि कई राजनेता ऐसे होते हैं जो केवल सत्ता की तलाश में रहते हैं. बहुत से नेता हैं जो सुबह उठते ही कहते हैं सत्ता कैसे मिलेगी. रात तक वे यही कहते सो जाते हैं फिर सुबह उठ के कहते हैं कि सत्ता कैसे मिलेगी. लेकिन मैं तो खुद सत्ता के बीच में पैदा हुआ लेकिन बड़ी अजीब सी बीमारी है कि मेरा उसमें इंटरेस्ट ही नहीं है’. राहुल गांधी ने कहा कि, ‘मैं अपने देश को समझने की कोशिश कर रहा हूं. इस कोशिश में ही मुझे पता चला कि दुनिया में एकमात्र भारत ऐसा देश है जहां पर छुआछूत आज भी मौजूद है. एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को केवल उसकी जाति की वजह से पसंद नहीं करता है.’

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