कोटा मामले में पायलट ने फिर दोहराई जवाबदेही तय करने की बात तो पूनियां को दिया करारा जवाब, कहा पहले अपनी गिरेबां में झांकें

दिल्ली में आप पार्टी के दावे पर बोले पायलट सिर्फ इश्तिहार छापने और बड़ी-बड़ी बात करने से लोगों का वोट नहीं मिलता वहीं जेएनयू में हुई घटना की कड़ी निंदा की

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को अपने आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान कई मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी के साथ रखी. पायलट ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पूनियां को करारा जवाब देते हुए कहा कि पहले अपनी गिरेबां में झांके तो कोटा में बच्चों की मौत के मामले में फिर से जवाबदेही तय करने की बात दोहराई. वहीं दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव पर पायलट ने कहा कि सिर्फ इश्तिहार छापने और बड़ी-बड़ी बात करने से लोगों का वोट नहीं मिलता तो रविवार रात दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में नकाबपोश लोगों द्वारा मचाए गए तांडव के बाद इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने पर आश्चर्य व्यक्त किया.

दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद केजरीवाल ने काम के आधार पर जीत का किया दावा..

दिल्ली विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए पायलट ने कहा कि केवल इश्तिहार छापने और बड़ी-बड़ी बात करने से लोगों का वोट नहीं मिलता, दिल्ली में आप सरकार जो काम करने का दावा कर रही है, उसकी परीक्षा इस चुनाव में होगी. दिल्ली चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा. भाजपा और आप के वादे लोगों पर कारगर साबित नहीं होंगे. ‘दिल्ली में बीजेपी द्वारा सीएम चेहरे की घोषणा नहीं हुई इसलिए भाजपा मोदी और शाह के नाम पर ही चुनाव लड़ने जा रही है‘, इस सवाल पर जवाब देते हुए पीसीसी चीफ ने कहा, ‘बीजेपी के लोग समझ गए हैं कि वहां पर कोई ऐसा प्रभावी आदमी नहीं है जिसके नाम की घोषणा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के लिए कर सकें. हालांकि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. कांग्रेस के सीएम चेहरा घोषित नहीं करने के सवाल पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की, फिर चाहे वो राजस्थान हो या दिल्ली.

दिल्ली चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनाव लड़ने और उससे मिलने वाले लाभ के सवाल पर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि झारखंड में इन सब मुद्दों पर चुनाव लड़ने का परिणाम सब देख चुके हैं, मुद्दे तब भी वही थे. देश के मुख्य मुद्दों को चाहे वो मंहगाई का हो, रोजगार हो, उसे दरकिनार नहीं किया जा सकता. चुनाव उन मुद्दों पर लड़ा और जीता जाएगा, जो मुद्दे पब्लिक के हैं.

जनता को लगना चाहिए कि सत्ता में बैठे लोग कुछ कर रहे हैं...
कोटा के जेके लॉन अस्पताल में बच्चों की मौत पर जवाबदेही और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने के सवाल पर पायलट ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है. इस पूरे मसले को संवेदनशीलता के साथ निपटना चाहिए. अन्य शहरों से भी इस तरह की खबरें आ रही हैं जिनका मुझे दुख है. जो हमें करना है वो सिस्टम को सुधारने की बात करनी है. जहां तक जिम्मेदारी तय करने की बात है, मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूं कि हम लोगों को जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो.

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उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह चलता रहा और हमने एकाउंटेबिलिटी स्थापित नहीं की तो यह आने वाले समय में वापस होगा. मुझे लगता है कि ऐसे घटनाक्रम नहीं रुक पाएगा. मामले की जांच के लिए टीम बनाई है और कुछ रिपोर्ट भी सामने आई है. मामले पर हमारा रिस्पांस मार्मिक और संवेदनशील होना चाहिए ताकि जनता को लगे कि जो लोग सत्ता में बैठे हैं, व्व हालात सुधारने के लिए काम कर रहे हैं. मुद्दा किसी व्यक्ति का या पार्टी या सरकार का नहीं बल्कि मुद्दा हालातों को सुधार करने का है. अगर गलती किसी की है तो हमें निश्चित रूप से कार्रवाई करनी चाहिए.

टिप्पणी करने वाले पहले अपने घर को संभाले, अपने गिरेबान में झांकें
सोमवार को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया द्वारा कांग्रेस के मंत्रियों की आपसी अंतर्कलह वाले बयान पर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा कि बीजेपी के जो साथी टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें पहले अपनी गिरेबां में झांकना चाहिए. भाजपा के अपने घर में जो कलह है, उससे निपटें तो बेहतर होगा. राजस्थान में बीजेपी अब कारगर विपक्ष तक की भूमिका में नहीं है. बीजेपी खुद अंतरकलह में अभी फंसी हुई है लेकिन पार्टी के नेता सच्चाई से मुंह फेर रहे हैं. उन्हें जनता ने विपक्ष में बैठाया है लेकिन ये नहीं कहा कि आप जाकर घर बैठ जाइए. पीसीसी अध्यक्ष के तौर पर जो मुद्दे मुझे उठाने चाहिए, मैं आज तक समय-समय पर उन्हें उठाता रहा हूं.

कथनी और करनी में नहीं आना चाहिए फर्क, फिर सत्ता हो या विपक्ष
स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के पीडब्ल्यूडी विभाग पर लगाए गए आरोप पर पीडब्ल्यूडी मंत्री पायलट ने कहा कि मैंने पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते हमेशा ये कहा है कि हम लोग चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में, हमें हमेशा आमजन के साथ संपर्क बनाए रखना है, क्योंकि जनता जज करती है. हम विपक्ष में हो या सत्ता में, हमारी कथनी और करनी में फर्क नहीं आना चाहिए. हमें सैद्धांतिक रूप से जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर ही बात करनी चाहिए. मैंने ये कोशिश की है कि हम जब जनता से कुछ कहें या काम करे तो उन्हें लगे कि हम विश्वसनीयता कायम करने में लगातार आगे बढ़ रहे है. यह जिम्मेदारी हम सबकी है चाहे हम सत्ता में हो या विपक्ष में.

आरोप-प्रत्यारोप में सिमटकर रह गया JNU मामला, होनी चाहिए कार्यवाही
दिल्ली की जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा की घटना पर पीसीसी चीफ ने कहा कि पुलिस का बल प्रयोग विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ता जा रहा है. किसी भी देश और समाज के लिए शैक्षिक संस्थाओ में पुलिस का होना अच्छा संकेत नहीं है. उन्होंने इस मामले में अभी तक किसी के भी गिरफ्तार नहीं किए जाने पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि देश की राजधानी में लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर प्रहार कर रहे हैं और इसमें भी पक्ष-विपक्ष की बात हो रही है. मैं हिंसा का सख्त विरोध करता हूं इसलिए जिन लोगों ने इस कारनामे को अंजाम दिया है उन्हें तुरंत पकड़ा जाना चाहिए. पायलट ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप में ये पूरा मामला सिमटकर रह गया जबकि इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

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