सदन में उप सभापति से भिड़े खड़गे, बोले – आप हमें मत सिखाइए..

rajyasabha
21 Aug 2025
राज्यसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे और उप सभापति हरिवंश नारायण के बीच तीखी तकरार हो गयी. इस तकरार में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए जब कहा कि खड़गे जी द्वारा चेयर पर उठाए गए सवाल गलत हैं तो खड़गे ने सीधे सीधे कहा कि आप हमें मत सिखाइए. इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया. https://www.youtube.com/watch?v=t6LyeNS_1Wo दरअसल, इस बहस की शुरूआत तब हुई जब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्यसभा में ऑनलाइन गेमिंग पर पाबंदी से जुड़ा विधेयक पेश कर रहे थे. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी सीट से खड़े होकर उप सभापति हरिवंश नारायण से सदन में बोलने का अवसर दिए जाने की मांग की. डिप्टी चेयरमैन ने जब उन्हें विषय पर बात करने की नसीहत दी, तो खड़गे भड़क गए और बोले 'जब सब मौजूद नहीं थे, तब आपने बिल पास कर दिया और अब आप हमें ही सिखा रहे हैं.' यह भी पढ़ें: ठाकरे ब्रदर्स का बदलते महाराष्ट्र का सपना, शुरुआत में ही ध्वस्त कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उप सभापति के समक्ष सवाल उठाते हुए कहा, 'सबकी बात सुनिए. आप भले ही हमारे पॉइंट्स को खारिज कर दीजिए लेकिन इस कार्यवाही के दौरान अगर बोलने का ही अवसर नहीं देंगे तो ये गलत है.' प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी चेयरमैन ने कहा, 'अगर आप बिल पर कुछ कहना चाहें तो मैं स्वागत करूंगा'.  इस पर खड़गे ने कहा, 'आपने कहा कि सदन में क्या हो रहा है, सुनिए.' इतने पर भी उप सभापति ने किसी अन्य मुद्दे पर बोलने की इजाजत नहीं दी, जिस पर सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. बहस के प्रति उत्तर में आए रिजिजू बहस तीखी होने के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही में सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि खड़गे का उपसभापति पर सवाल उठाना गलत है. किरण रिजिजू ने कहा, 'खड़गे जी ने चेयर पर जो भी सवाल उठाए हैं, वे गलत हैं. चेयर हमेशा बोलने का मौका देते हैं, लेकिन वे सब्जेक्ट पर बोलते ही नहीं. सभापति पर इस तरह आरोप लगाना ठीक नहीं है.' केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर आरोप जड़ते हुए कहा कि इस पूरे सत्र में विपक्ष ने कोऑपरेट नहीं किया. विषय पर नहीं बोला और अंत में आकर इस तरह का इल्जाम लगा रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है. गौरतलब है कि विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच 'ऑनलाइन गेमिंग, प्रचार और विनियमन विधेयक' लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पारित हो गया है. इसके बाद राज्यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. अब देखना होगा कि इन मोदी सरकार द्वारा लाए गए इन बिलों पर सदन के बाद बाहर बहस की गर्मागर्मी किस हद तक पहुंचती है.