महाराष्ट्र के निकाय चुनाव इस बार बड़े रोचक होते जा रहे है. वजह है महायुति में शामिल एनसीपी प्रमुख अजित पवार का सत्ताधारी सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ना. अजित पवार अपने चाचा और पुरानी पार्टी के मुखिया शरद पवार के साथ निकाय चुनाव लड़ रहे हैं, जो विधानसभा में विपक्ष में बैठी है. अब जनता के बीच उनके भाषण और मीडिया में जारी तीखी बयानबाजी के कुछ छीटे बीजेपी और शिवसेना पर तो पड़ने जायज ही हैं. इस बीच बीजेपी भी अजित पवार पर जमकर पलटवार कर रही है. उनके एक बयान के प्रति उत्तर में तो महाराष्ट्र के बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने प्रदेश के डिप्टी सीएम अजित पवार को अपने गिरेबान पर झांकने की सलाह दे दी.
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दरअसल, महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा –
‘जिन लोगों ने कभी मुझ पर 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले जैसे आरोप लगाए थे, वही लोग आज मेरे साथ सत्ता में हैं. सिर्फ आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता है, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो जाए.’
पवार ने बीजेपी नेता मुरलीधर मोहोल के बयान पर पलटवार करते हुए यह बयान दिया. मोहोल ने कहा था –
‘एनसीपी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट क्यों दे रही है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.’
इसके जवाब में अजित पवार ने कहा, ‘आपको 15 सालों का रिकॉर्ड देखना चाहिए कि किस पार्टी ने कितने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार खड़े किए और भगोड़ों की मदद की.’ पवार के इस बयान को विजय माल्या और नीरव मोदी से जोड़कर देखा जा रहा है.
अब अजित पवार के तीखे जवाब से नाराज बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी उन्हें करारा जवाब दिया. चव्हाण ने कहा –
‘अजित पवार अपनी गिरेबान में झांकें, अगर मैंने बोलना शुरू किया, तो वह मुश्किल में पड़ सकते हैं.‘
इन आपसी बयानबाजी को देखते हुए लगता है कि महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच महायुति गठबंधन (NDA) में आपसी झगड़े शुरू हो गए हैं. चूंकि अजित पवार सत्ताधारी महायुति के सदस्य और प्रदेश के डिप्टी सीएम भी हैं, ऐसे में अजित पवार को इन बयानबाजी का खामियाजा निकट भविष्य में भुगतना पड़ सकता है.



























