Indore water contamination deaths: मध्यप्रदेश में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से एक मीडियाकर्मी को सवाल पूछना इतना भारी पड़ गया कि मंत्री साहब झल्ला गए. उन्होंने न केवल सवाल का जवाब देने से मना कर दिया, बल्कि मीडियाकर्मी पर बिफर पड़े और उसे अपशब्द भी कहने लगे. मीडिया में बवाल मचा तो सोशल मीडिया पर थके होने का बहाना मारते हुए अपने कहे हुए शब्दों पर खेद जताने लगे. मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है.
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 12 लोगों की मौत हो गयी है और करीब 162 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम इंदौर पहुंचे और अस्पताल जाकर बीमार लोगों से मुलाकात की. इसके बाद अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक प्रबंध कार्यों में जुटने के दिशा निर्देश दिए. बैठक में हिस्सा लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बाहर आए तो मीडिया ने सवाल किए, जिस पर मंत्री गुस्सा करने लगे.
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एक रिपोर्टर ने पूछा, ‘अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को इलाज में खर्च पैसों का रिफंड अभी तक नहीं मिला है.‘ इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा ‘अरे छोड़ो यार, तुम फोकट सवाल मत पूछो‘.
इस पर रिपोर्टर ने कहा ‘यह फोकट सवाल नहीं है. हम वहां होकर आए हैं‘. इसके जवाब में मंत्री विजयवर्गीय ने झल्लाते हुए अपशब्द कह दिए. मीडियाकर्मी को अपशब्द कहते हुए एक वीडियो भी सामने आया है. मामला बढ़ते देख कुछ ही देर बाद उन्होंंने ट्वीट कर अपने शब्दों पर खेद जताया. उन्होंने लिखा, ‘मैं और मेरी टीम दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सुधारने में जुटी हुई है. इस गहरे दुख की अवस्था में मीडिया के एक सवाल पर मेरे गलत शब्द निकल गए. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं.’
थोड़ी भी शर्म बची है तो इस्तीफा दें – पटवारी
मामले में हस्तक्षेप करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की. पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए लिखा, ‘यह क्या तमाशा कर रही है आपकी सरकार और आपके मंत्री. न पीड़ितों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, न संवेदना, ऊपर से आपके अहंकारी मंत्री अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. थोड़ी सी भी शर्म बची है तो ऐसे बदतमीज मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लीजिए.’
इधर, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मौतों को लेकर भोपाल नगर निगम भी अलर्ट हो गया है. पीने की पाइप लाइन जांचने के लिए बुधवार को नगर निगम की टीम अवधपुरी पहुंची. कुछ घरों से पानी के सैंपल भी लिए गए हैं. वहीं दूषित पानी से मौतों के मामले में हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में दो जनहित याचिकाएं लगाई गई हैं. हाईकोर्ट ने 2 जनवरी को मामले की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं.



























