कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया आज एक जनसभा में आपे से बाहर हो गए और एक पुलिस अधिकारी पर भड़क उठे. उन्होंने उसे गुस्से में इशारे से बुलाया और कथित तौर पर सबसे सामने थप्पड़ मारने की कोशिश की. वाक्या बेलगावी में हुई इस रैली का है जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के सीएम को काले झंडे दिखाए जाने पर मुख्यमंत्री भड़क उठे और स्टेज पर से ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को बुलाकर डांट लगाई.
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इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सिद्धारमैया गुस्से में कहते सुनाई दे रहे हैं, 'ऐ सुनो.. एसपी कौन है? तुम लोग कर क्या रहे हो?' इसके बाद ऑडियो स्पष्ट नहीं रहा. इसी दौरान उन्होंने हाथ उठाया जो थप्पड़ मारने के इशारे जैसा लगा, जिससे डर कर अफसर पीछे हट गया. मंच पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पुलिस अफसर को बुलाते हुए सख्त लहजे में सवाल किया कि रैली स्थल के अंदर विरोध प्रदर्शन करने और काले झंडे दिखाने की इजाजत कैसे दी गई.
विपक्ष ने लगाया आरोप
मामले को लेकर जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर एक पुलिस अधिकारी पर थप्पड़ मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. पोस्ट में लिखा, 'सिद्धारमैया आपके सिर पर शक्ति की आभा है. जिला पुलिस अधीक्षक पर हाथ उठाने से आपके पद या गरिमा को कोई लाभ नहीं पहुंचेगा. मुख्यमंत्री के तौर पर आपके लिए एक सार्वजनिक मंच पर एक सड़कछाप गुंडे की तरह एक भी शब्द का इस्तेमाल करना और एएसपी पर हमला करने की कोशिश करना अक्षम्य अपराध है. आपका कार्यकाल केवल 5 वर्ष का है लेकिन एक सरकारी अधिकारी 60 वर्ष की आयु तक सेवा करता है. सत्ता किसी के लिए भी स्थायी नहीं है. अपना गलत व्यवहार सुधारें.'
क्या है पूरा मामला
दरअसल, सिद्धारमैया को बेलगावी में रैली के दौरान एक भाषण देना था और उसी समय बीजेपी महिला कार्यकर्ता मंच के पास विरोध प्रदर्शन कर रही थीं. एएसपी नारायण भरमनी को मंच की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था. प्रदर्शन देख गुस्साए सिद्धारमैया ने मंच से ही अधिकारी को आवाज लगाई और अपने पास बुलाया. इसके बाद जब अधिकारी भरमनी उनके पास पहुंचे तो उन्होंने हाथ उठाने की कोशिश करते हुए सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई और स्थिति के बारे में बताया. अब इस घटनाक्रम पर प्रदेश के सीएम विपक्ष से घिरते हुए नजर आ रहे हैं. फिलहाल सिद्धारमैया या अन्य किसी कांग्रेसी नेता ने इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है.