जय श्री राम, झारखंड में हो गया काम? BJP सांसद के ट्वीट से मचा सियासी बवाल, अटकलों का दौर शुरू

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ खनन लीज केस में आने वाले चुनाव आयोग के फैसले का किया जा रहा है इंतजार, जिस पर सोरेन सरकार का भविष्य करता है निर्भर, इसी बीज पिछले काफी दिनों से सूबे में सियासी फेरबदल का दावा ठोक रहे भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के एक ट्वीट ने सियासी अटकलों को कर दिया और तेज

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Poljtalks.News/Jharkhand. महाराष्ट्र में हुए सियासी फेरबदल के बाद सियासी गलियारों में अगला नम्बर पहले बिहार का बताया जा रहा था, लेकिन वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कूटनीतिक अनुभव ने समय रहते एनडीए से अलग होकर अपनी सरकार को बचा लिया है. बिहार के बाद सबसे ज्यादा कयास झारखंड को लेकर लगाए जा रहे हैं. जिसके चलते झारखंड में इन दिनों राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है और आशंकाओं और अटकलों का दौर चल पड़ा है. झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ खनन लीज केस में आने वाले चुनाव आयोग के फैसले का इतंजार किया जा रहा है, जिस पर सोरेन सरकार का भविष्य निर्भर करता है. इसी बीज पिछले काफी दिनों से सूबे में सियासी फेरबदल का दावा ठोक रहे भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के एक ट्वीट ने अटकलों को और तेज कर दिया है. एक लाइन के इस ट्वीट के बाद लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं और कयास लगा रहे हैं. हालांकि, निशिकांत दुबे ने अभी कुछ साफ नहीं किया है.

रविवार देर शाम भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर लिखा कि, ”जोहार, जय श्री राम आखिर झारखंड में हो गया काम?” दुबे ने यह ट्वीट ऐसे समय पर किया है जब किसी भी दिन चुनाव आयोग का फैसला आ सकता है. जिसमें पत्थर खनन आवंटन मामले में सोरेन सरकार को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है. यदि चुनाव आयोग का फैसला सोरेन के पक्ष में नहीं आता है तो उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. ऐसे में अटकलें यह भी लगाई जा रही हैं कि हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के खिलाफ फैसला आने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिहार में लालू प्रसाद यादव की तर्ज पर अपनी पत्नी को कुर्सी सौंप सकते हैं.

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त खलबली मची हुई है. अधिकतर यूजर्स ने निशिकांत दुबे से पूछा कि आखिर पूरी बात क्या है? वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी कमेंट किया है. एक यूजर ने लिखा, ”देख रहा है ना विनोद क्या हो रहा है आजकल झारखंड में.” वहीं बप्रदीप पांडेय नाम के एक यूजर ने पूछा , ”सरकार गिरा दी क्या?” डॉ. शिवानी सिंह ने लिखा, ”तौबा… तुम्हारे ये इशारे.” कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि क्या चुनाव आयोग का फैसला वही लिख रहे हैं तो वहीं कुछ ने आरोप लगाए हैं कि भाजपा सरकार गिराने की कोशिश कर रही है.

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इन सारी सियासी अटकलों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बीते रोज शनिवार को महागठबंधन विधायकों की बैठक हुई. वैसे तो कहा गया कि राज्य में सूखे की स्थिति को लेकर विधायकों से फीडबैक के लिए यह बैठक बुलाई गई थी. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इसमें राज्य के ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ महागठबंधन को एकजुट रखने पर विचार किया गया. हालांकि अलग-अलग कारणों से महागठबंधन के 11 विधायक बैठक में उपस्थित नहीं हो सके. बताया जा रहा है कि विधायकों को अभी झारखंड में ही रहने को कहा गया है.

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