आरपीएससी का तुरन्त पुनर्गठन आवश्यक, विश्वसनीयता एवं साख दाव पर- सचिन पायलट

sachin pilot
3 Sep 2024
Rajasthan Politics: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राजस्थान की भजनलाल सरकार से प्रदेश की प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था ‘राज्य लोक सेवा आयोग‘ की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने के लिए इसका पुनर्गठन करवाने की मांग की है. https://www.youtube.com/watch?v=YTNJgihq56U सचिन पायलट ने कहा कि गत वर्ष सितम्बर 2023 में ई.डी. द्वारा सैकण्ड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आर.पी.एस.सी. सदस्य बाबूलाल कटारा को गिरफ्तार किया गया था और अब एसओजी द्वारा सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में आर.पी.एस.सी. के पूर्व सदस्य रामूराम राईका को गिरफ्तार किया गया है. ईडी एवं एसओजी द्वारा पेपर लीक प्रकरणों में की गई इन गिरफ्तारियों से आर.पी.एस.सी. जैसी प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग गया है. सचिन पायलट ने कहा कि मैं पहले भी आर.पी.एस.सी. की कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखता आया हूं और उन बातों की अब पुष्टि भी हो रही है. रीट, सेकण्ड ग्रेड टीचर, सब इंस्पेक्टर, जूनियर इंजीनियर, वन रक्षक सहित दर्जनों परीक्षाओं के पेपर लीक होने से प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ है और उनके माता-पिता, परिवारजनों में निराशा व्याप्त हो गई है. युवाओं को अपना भविष्य अंधकार में लग रहा है और वे पूरी तरह से हतोत्साहित है. यह भी पढ़ें: हरियाणा में वि.चुनाव से पहले ही फोगाट सिस्टर्स में छिड़ा दंगल, क्या है वजह? सचिन पायलट ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा जो विपरीत परिस्थितियों पढ़-लिखकर नौकरी पाने के लिए परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे है और उनके माता-पिता जो दिन-रात मेहनत करके पैसे जुटाकर अपने बच्चों को शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करवा रहे हैं, उन सभी में इन नित-नये खुलासों से संशय की स्थिति बन रही है कि पेपर लीक होने पर मेहनत विफल ना हो जाये. पायलट ने कहा कि हाल ही के बजट सत्र में घोषणा की गई है कि प्रदेश में चार लाख सरकारी नौकरियां दी जायेगी जिनमें से एक लाख सरकारी नौकरियां मार्च, 2025 तक दी जायेगी. ऐसे में इन सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं और इसकी चयन प्रणाली में पूरी पारदर्शिता होने के साथ ही परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके माता-पिता में परीक्षा लेने वाली संस्था के प्रति विश्वसनीयता कायम रखना सरकार का दायित्व है.