सरकार बनी तो गोमती किनारे बनवाएंगे मंदिर- अखिलेश, मौर्य बोले- इफ्तार वाले घूम रहे मंदिर-मंदिर’

'EVM और DM से रहना होगा सावधान'
17 Sep 2021
Politalks.News/Uttarpardesh. यूपी चुनाव को लेकर बयानबाजी का दौर जोर पकड़ता जा रहा है. भाजपा और समाजवादी पार्टी में शब्दों के बाण चल रहे हैं. दोनों और से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. समाजवादी पार्टी के 'कर्ता-धर्ता' अखिलेश यादव ने कहा कि, 'यूपी का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होगा. अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को ईवीएम और डीएम से अलर्ट रहने की अपील की है. अखिलेश ने आरोप लगाया कि, 'बिहार में EVM और DM ने बेईमानी की और बंगाल में सही जवाब मिला'. लखनऊ में सपा कार्यालय पर आयोजित अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के कार्यक्रम के दौरान यादव ने कहा कि, 'सपा सरकार बनी तो गोमती के किनारे विश्वकर्मा मंदिर बनाएंगे'. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा कि, 'विपक्ष के पास मुद्दा नहीं है, इफ्तार पार्टी करने वाले मंदिर-मंदिर जाकर संतों के पैर पड़ रहे हैं'. https://www.youtube.com/watch?v=iUcBJB7IZik EVM और DM से रहना होगा सावधान- अखिलेश पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि, ‘उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है. बिहार के चुनाव में बेईमानी EVM और DM ने की लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने जवाब दिया. हमें इस बार EVM और DM से सावधान रहना होगा.’ यादव ने कहा कि, 'लोकतंत्र के इस उत्सव विधानसभा चुनाव की पवित्रता को बचाने के कार्य में जहां सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा से लगना है, वहीं बीजेपी के अलोकतांत्रिक इरादों से पूरी तरह सतर्क भी रहना होगा.' यादव ने कहा, 'अबकी बार बूथों पर बीजेपी की बुरी नजर लगी है और ऐसे में लोकतंत्र को बचाने के लिए सपा कार्यकर्ताओं की अग्निपरीक्षा का समय है'. अखिलेश ने कहा कि, 'सपा इस संबंध में पुख्ता रणनीति बना रही है ताकि बीजेपी जनता को धोखा न दे सके'.अखिलेश ने कहा कि, 'समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे बिना समय गंवाए अपने अपने क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से जुट जाएं, इस कार्य में कोई कोताही न हो, बूथ पर तनिक भी चूक नहीं होनी चाहिए और कार्यकर्ता यह न भूलें कि उन्हें ऐसा अवसर दोबारा मिलने वाला नहीं है.' 'झूठे प्रचार पर टिकी है भाजपा' अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि, 'बीजेपी के झूठे प्रचार में विज्ञापनों की स्थिति इतनी डरावनी है कि समाजवादी सरकार के विकास के कामों को तो बीजेपी अपने कामों में गिनाती ही रही है, पर आश्चर्य तो यह है कि पश्चिम बंगाल के फ्लाईओवर को भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के चित्र के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है. जहां भी अच्छा काम हुआ है, बीजेपी को उसे अपना बताने में कोई संकोच नहीं है.' यह भी पढ़ें- राज्यसभा के ‘मिनी चुनाव’ में क्षत्रपों ने मारी बाजी, 7 में से कांग्रेस के हाथ में 1 सीट तो BJP में भी सब तय 'गोमती के किनारे बनाएंगे विश्वकर्मा का मंदिर, देंगे छुट्टी' विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी खत्म किए जाने पर भाजपा सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा समाज का अपमान किया है. हमने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी की थी. भगवान हनुमान का गदा, भगवान कृष्ण का चक्र विश्वकर्मा समाज ने ही बनाया था और उनकी ही छुट्टी खत्म कर दी. अखिलेश यादव ने भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विश्वकर्मा समाज को अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, 'यूपी में सत्ता आने पर सपा विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी फिर से बहाल करेगी. अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि, 'लखनऊ में गोमती नदी के किनारे भगवान विश्वकर्मा के भव्य मंदिर का निर्माण भी कराया जाएगा'. 'बारिश के जान-माल का नुकसान, सरकार के इंतजाम नाकाफी' बारिश के चलते लखनऊ में हुए जलभराव को लेकर भी अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर निशाना साधा. यादव ने कहा कि, 'यूपी में बारिश से भारी क्षति और जान का भी नुकसान हुआ. सरकार ने कोई इंतजाम ही नहीं किए थे. यह भी पढ़ें- कभी गुदगुदाते, कभी फटकारते सपने दिखाते बोले गडकरी- जब ससुर के घर पर चलवा दिया था बुल्डोजर मौर्य का पलटवार- 'इफ्तार पार्टी करने वाले अब मंदिर-मंदिर घूम रहे' उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरते हुए मौर्य ने कहा कि, 'यूपी में जब उनकी सरकार थी तो, इफ्तार पार्टी ही करते थे. उनकी सरकार में जब कुंभ मेला लगा तो नहाने नहीं गए, लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद अब वह मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं. उनका मंदिरों में जाना बीजेपी की वैचारिक रूप से विजय है'. मौर्य ने कहा कि जो कभी हिंदू मंदिर देखकर मुंह फेर लेते थे, आज वही अखिलेश यादव को हरिद्वार संगम में डुबकी लगाना पड़ रहा है और संतों के पांव छूने पड़ रहे हैं. राम भक्त, कृष्ण भक्त अपने आप को कहते घूम रहे हैं'. मौर्य ने कहा कि, 'विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है'.