‘अगर जिंदा रहा तो..’ बृजभूषण सिंह ने राजनीतिक भविष्य को लेकर किया बड़ा ऐलान

डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष ने पुराने दिनों को किया याद, कई राजनेताओं का साथ देने पर जताया आभार, महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते कटा था लोकसभा का टिकट

Big announcement by Brijbhushan Singh
Big announcement by Brijbhushan Singh

भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने एक बार फिर लोकसभा चुनाव लड़ने और सदन में बैठने की इच्छा जताई है. साथ ही कई बिना नाम लिए कई लोगों पर निशाना भी साधा. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि जिस लोकसभा से बेइज्जत होकर निकाला गया हूं, जिंदा रहा तो उस लोकसभा में एक बार जरूर जाऊंगा.

बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा, ‘मेरा कार्यकाल पूरा नहीं हुआ था. मेरी जनता ने मुझ को नहीं हराया है. एक बार जाऊंगा जरूर. ये जनता तय करेगी की कहां से जाएंगे.’ अपने करियर के एक कठिन दौर को याद करते हुए बृजभूषण सिंह ने कुछ वरिष्ठ नेताओं का अहसान भी जताया. उन्होंने कहा, ‘एहसान भूलने वालों को तो नरक में भी जगह नहीं मिलती. मायावती, नीतीश कुमार और लालू यादव जैसे नेताओं ने भी नकारात्मक टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने समर्थन में चुप्पी साधे रखी. मैं उनका एहसान कभी नहीं भूलंगा.’

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डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हमने देश के एक बड़े नेता के सामने 2014 में ही मैंने राजनीति से हटने के लिए कहा था. 2014 में ही रिटायरमेंट लेना चाहता था, लेकिन अमित शाह ने कहा कि आपको लड़ना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि मैं लोकसभा में चला जाऊंगा तो बहुत बड़ी अचीवमेंट होगी लेकिन एक बार लोकसभा जरूर जाउंगा.

याद दिला दें कि जनवरी 2023 में भारतीय पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष के रूप में बृजभूषण शरण सिंह के कार्यकाल के दौरान महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया. कई महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने अंततः मई 2023 में डब्ल्यूएफआई की कार्यकारी समिति को निलंबित कर दिया और आईओए से डब्ल्यूएफआई के कामकाज की देखरेख के लिए एक तदर्थ पैनल गठित करने को कहा. मामले में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट भी दायर की थी. आरोप लगने के बाद बृजभूषण ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था.

बाद में पिछले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आरोपों का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण का टिकट काट उनके बेटे को थमा दिया था. अब यही ठसक उन्हें परेशान कर रही है. अब आगामी लोकसभा चुनाव बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे.

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