Big decision of the Rajasthan Education Department: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब प्रार्थना सभा महज औपचारिकता नहीं होगी बल्कि प्रार्थना सभा में स्टूडेन्ट्स देश दुनिया की खबरों से भी अपडेट होंगे. इसके लिए वरिष्ठ शासन उप सचिव ओपी वर्मा ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर निर्देश दिये हैं कि सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों और इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कम से कम हिन्दी और अंग्रेजी भाषा के 1-1 अखबार मंगवाये जाएं। वहीं, सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 2 हिन्दी मंगवाये जाएं. प्रार्थना सभा में हिन्दी और अंग्रेजी भाषा के राष्ट्रीय स्तर के अखबार पढ़ाने का निर्देश दिये गए हैं। इस अवधि में विद्यार्थियों को समूह बनाकर उनसे संपादकीय और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय समाचार पढ़ाए जाएंगे, ताकि स्टूडेन्ट्स भी देश-दुनिया में हो रहे घटनाक्रमों को लेकर जागरुक रहे.
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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विभाग में किये जा रहे विभिन्न नवाचारों की कड़ी में ये निर्देश दिये थे. कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को बारी-बारी से अखबार पढ़कर सुनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी और वे विद्यालय समय से 30 मिनट पहले स्कूल पहुंचकर अखबारों से महत्वपूर्ण समाचारों का चयन पर तैयारी करेंगे. इसके अलावा शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि वे अखबार से 5 नए शब्दों का चयन कर प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को बताएंगे, ताकि स्टूडेन्ट्स की शब्दावली में भी सुधार हो. यह पहल छात्रों के सामान्य ज्ञान शब्दावली, सामाजिक जागरूकता में सुधार करेगी। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी मददगार साबित होगी.
इसके अलावा नो बैग डे के दिन सामूहिक सभा कर सरकार की गतिविधियों की चर्चा कराने के भी निर्देश दिये गए है। Reading and Remediation कैम्पैन के तहत स्कूलों में पहले 2 कालांश में समाचार पत्र पढ़ने, वर्तनी और श्रुतिलेख का अभ्यास कराया जाएगा। स्कूलों में अखबार के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद बजट देगा.



























