IAS Shikhar Agrawal APO Case: राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी बड़ी खबर, 40 विला-कॉटेज खरीद विवाद में APO किए गए वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ने के बीच अब उनके कार्यकाल से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला आया सामने, राजस्थान पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, शिखर अग्रवाल के वन एवं पर्यावरण विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव रहने के दौरान रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में फार्म हाउस के लिए जमीन के भू-रूपांतरण का मामला आया सामने, रणथंभौर बाघ परियोजना के तत्कालीन उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक ने 1 नवंबर 2023 को सवाई माधोपुर नगर सुधार न्यास को लिखा था पत्र, जिसमें राज्य सरकार के जून 2023 के मार्गदर्शन का हवाला देते हुए बताया गया कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में निजी आवासीय प्रयोजन के लिए भूमि का भू-रूपांतरण किया जा सकता है, जबकि प्रतिबंध केवल वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों पर है लागू, दरअसल खैरदा निवासी प्रेमचंद रैगर ने आलनपुर स्थित अपनी खातेदारी भूमि पर फार्म हाउस बनाने के लिए भू-रूपांतरण की मांगी थी अनुमति, खास बात यह कि संबंधित जमीन रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शामिल बताई गई है, ऐसे में अब इस मामले को लेकर भी प्रशासनिक फैसलों और वन क्षेत्र में भूमि उपयोग संबंधी नियमों पर उठ रहे हैं सवाल, हालांकि पत्र में दी गई अनुमति संबंधी व्याख्या और वास्तविक भू-रूपांतरण स्वीकृति अलग-अलग विषय हैं, वही शिखर अग्रवाल और उनके परिजनों द्वारा करोड़ों रुपए के विला-कॉटेज खरीदने तथा निजी कंपनी को कथित अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में राज्य सरकार की मंजूरी के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने जांच की है शुरू, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विला खरीद विवाद के बाद अब शिखर अग्रवाल के पुराने प्रशासनिक फैसलों की भी पड़ताल होगी?
IAS शिखर अग्रवाल का एक और मामला आया सामने! जानें आखिर क्या है रणथंभौर कनेक्शन?

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