गहलोत काल ने लोगों को केवल हत्या ही नहीं, आत्महत्या के लिये कर दिया है विवश – सतीश पूनियां

satish poonia on gehlot
21 Apr 2023
Poonia's big attack on CM Gehlot: राजस्थान की राजधानी जयपुर में रामप्रसाद मीणा की आत्महत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है वहीं बीते दिन संजय पांडेय नामक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या करने का दूसरा मामला सामने आया है. इन दोनों आत्महत्याओं को लेकर भाजपा नेता गहलोत सरकार पर जमकर हमलावर है. इन मामलों को लेकर उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनियां ने कहा की जयपुर में जिस तरीके की घटनाएं हुई हैं, जिसमें आदमी मौत को गले लगाने के लिये विवश और लाचार हो जाये, जो इस सरकार की नाक के नीचे शर्मनाक है. https://www.youtube.com/watch?v=nZXoObBB_j8 गहलोत सरकार के खिलाफ प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनियां ने बयान जारी कर कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर कई बार बिहार की मिसाल दी जाती थी, लेकिन अब राजस्थान की राजधानी जयपुर को गौर करेंगे तो एक तरीके से माफिया राज साफ दिखता है. यह भी पढ़ेंः सिंधिया-दिग्गी ने एक दूसरे के खिलाफ महाकाल से लगाई गुहार, कहा- भारत में दुबारा पैदा न हो बँटाधार पूनियां ने कहा की जयपुर में जिस तरीके की घटनाएं हुई हैं, जिसमें आदमी मौत को गले लगाने के लिये विवश और लाचार हो जाये, जो इस सरकार की नाक के नीचे शर्मनाक है. यह सीधे-सीधे सरकार पर सवाल खड़े करता है, जयपुर में रामप्रसाद मीणा की आत्महत्या का जो मामला है, वह अभी ठंडा भी नहीं हुआ है, उसके बाद एक बार फिर से जयपुर में ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें संजय पांडेय का सुसाइड करने का मामला एक बार फिर सवाल खड़े करता है. पूनियां ने आगे कहा की कांग्रेस सरकार गौ हत्यारों की संरक्षण की दोषी है, प्रदेश की गहलोत सरकार ऐसी सरकार है जो ना किसी की सुनती है, मुझे लगता है कि पानी अब सिर से गुजर गया, ऐसा लगता है कि राजस्थान अब अपराधियों की राजधानी बन गया है. जिस तरीके से एक के बाद एक घटनाओं ने मन और समाज को उद्वेलित किया है, राजस्थान की कांग्रेस सरकार यदि एक मोर्चे पर पूरी तरीके से विफल है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहमंत्रित्व काल में वह है प्रदेश की कानून व्यवस्था, जिसने लोगों को केवल हत्या ही नहीं, आत्महत्या के लिये विवश कर दिया है।. यह केवल किसी व्यक्ति की हताशा नहीं है, कांग्रेस सरकार के सिस्टम का फेल्योर है, माफियाओं के सामने उसका समर्पण है, उसकी कमजोरी है, लापरवाही है.