राजस्थान में G-Pay का मतलब Gehlot-Pay, गहलोत सरकार ने भ्रष्टाचार की सारी हदें की पार- शेखावत

shekhwat on gehlot
20 May 2023
Shekhawat's attack on Gehlot: राजस्थान शासन सचिवालय के योजना भवन में बीती रात मिली नगदी व सोना मिलने के मामले पर केंद्रीय मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम गहलोत पर जोरदार निशाना साधा है. मंत्री शेखावत ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार को सबसे भ्रष्टतम बताते हुए कहा कि आज राजस्थान में जी-पे जो है, वो गहलोत-पे बन गया है. इस सरकार ने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं. https://www.youtube.com/watch?v=OhW09iltQVU भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सचिवालय के करीब योजना भवन में ढाई करोड़ नकद और एक किलो सोना मिलने के पत्रकारों के सवाल पर कहा कि निरंतर हम इस बात को कहते रहे हैं कि वर्तमान की गहलोत सरकार इस लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार है. इसकी भ्रष्टता के आक्षेप केवल भारतीय जनता पार्टी ने लगाए हों, ऐसा नहीं है. विपक्षी लोगों ने लगाए हों, ऐसा नहीं है. पार्टी के पूर्व पीसीसी चीफ से लेकर वर्तमान में मंत्री पद पर बैठे लोगों से लेकर माननीय मुख्यमंत्री तक, एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने की होड़ सी पार्टी में मची हुई है, लेकिन इस पर मोहर उससे लगती है कि भ्रष्टाचार से इतना सारा कालाधन एकत्रित किया गया है कि दो-चार-पांच करोड़ रुपए और कई किलो सोना जो है, वह कहां रखकर भूल गए हैं, अब इनको भी याद नहीं है. यह भी पढ़ेंः  भ्रष्टाचार की गंगोत्री पहुंच गई सचिवालय तक, योजना भवन में मिली नगदी मामले में BJP का CM गहलोत पर हमला मंत्री शेखावत ने सीएम गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे लगता है आजकल डिजिटल करेंसी की भाषा में जैसे गूगल पे को जी-पे के नाम से पुकारा जाता है, आज राजस्थान में जी-पे जो है, वह गहलोत-पे बन गया है. राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं. मंत्री शेखावत ने कहा कि पहला विषय तो यह जो लोगों के मन में संदेह पैदा करता है और जिसकी चर्चा बहुत तेजी के साथ में चल रही है कि शाम 4 बजे इस तरह का कैश बरामद होता है. रात को 11 बजे आकर आनन-फानन में डीजी और चीफ सेक्रेट्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. डीजी और चीफ सेक्रेट्री की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई और अधिकारी बात कर रहा होता है. जो विषय सीधा-सीधा पैसे से जुड़ा है, जहां इललीगल, अनऑथराइज्ड, अनडिफाइंड, अनक्लेम्ड मनी मिली हो, वहां न एंटी करप्शन ब्यूरो को बुलाया जाए, न इनकम टैक्स को बुलाया जाए, वहां पर इतनी बड़ी मात्रा में धन संपदा बरामद होने पर न ईडी को इन्फॉर्म किया जाए. यह अपने आप में कई तरह के संदेह पैदा करता है. इस तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं कि यह जितना डिस्क्लोज किया गया और जितना मिला है, उसमें भी बहुत बड़ा अंतर है.