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वीरांगनाओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से भड़के डॉ किरोड़ी ने CM गहलोत को बताया निरंकुश सद्दाम हुसैन

10 मार्च 2023
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वीरांगनाओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से भड़के डॉ किरोड़ी ने CM गहलोत को बताया निरंकुश सद्दाम हुसैन

Kirodi Lal Meena on Ashok Gehlot : राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में पुलवामा शहीदों की वीरांगनाओं के साथ चल रहे धरने में एक के बाद एक नई घटनाओं की इबादत जुड़ती जा रही है. राजधानी में पिछले 10 दिनों से धरना दे रही 3 वीरांगनाओं व उनके परिजनों सहित कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अलसुभह 3 बजे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सेज थाने में हिरासत में रखा है तो वीरांगाओ को कहां हिरासत में रखा गया है इसकी जानकारी अभी तक नहीं लग पाई है. इस पूरे घटनाक्रम से राजस्थान सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे है. वहीं पुलिस द्वारा … Read more

Kirodi Lal Meena on Ashok Gehlot : राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में पुलवामा शहीदों की वीरांगनाओं के साथ चल रहे धरने में एक के बाद एक नई घटनाओं की इबादत जुड़ती जा रही है. राजधानी में पिछले 10 दिनों से धरना दे रही 3 वीरांगनाओं व उनके परिजनों सहित कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अलसुभह 3 बजे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सेज थाने में हिरासत में रखा है तो वीरांगाओ को कहां हिरासत में रखा गया है इसकी जानकारी अभी तक नहीं लग पाई है. इस पूरे घटनाक्रम से राजस्थान सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे है.

वहीं पुलिस द्वारा वीरांगनाओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा सेज थाने पहुंचे जहां उन्होंने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. सांसद मीणा को थाने में देख लॉकअप में बंद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. इसके बाद सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने ट्वीट कर कहा की सरकार पुलिस के दम पर वीरांगनाओं की आवाज को दबा नहीं पाएगी और ताकत के साथ निरंकुश और तानाशाही सरकार का प्रतिरोध किया जाएगा.

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सांसद मीणा ने सेज थाने के बाहर पत्रकारों से बातचीत कर बताया की आज अलसुभह करीब 3 बजे वीरांगनाओं को धरना स्थल से उठाया गया. साथ ही करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं को मुंह में जबरन कपड़ा ठुसकर गिरफ्तार किया गया. इस दौरान एक कार्यकर्ता को गंभीर चोट भी आई है.

सांसद मीणा ने कहा की वीरांगनाओं को गिरफ्तार कर उनका अपमान किया गया है. एक दर्जन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सेज थाने पर लाया गया है. वीरांगनाओं को गिरफ्तार कर पुलिस महिला थाने लेकर गई थी, जहां से भी उन्हें गायब कर दिया गया है. हमने देश की परंपरा के अनुसार कल मुंह में दूब डालकर हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री जी से मिलने की याचना की थी, मुख्यमंत्री जी ने हमें सुनने और मिलने की बजाय आधी रात को 700 पुलिसकर्मी, 3 आईपीएस, दर्जनों आरपीएस सहित कई थानों की पुलिस लगाकर वीरांगनाओ को वहां से उठा लिया. इस पूरे घटनाक्रम में चौथी बार वीरांगनाओं का अपमान हुआ है.

सांसद मीणा ने आगे कहा की मुख्यमंत्री जी को उन्हीं की पार्टी के कई लोगों ने वीरांगनाओं की मांगों को लेकर पत्र लिखा है, लेकिन उन्हें पता नहीं क्या डर है, वह क्यों वीरांगनाओं से नहीं मिल रहे हैं. मुख्यमंत्री जी सात तालों के पीछे ऐसे छुपे हुए हैं जैसे सद्दाम हुसैन छुपा हुआ था. राजस्थान के इस सद्दाम हुसैन को वीरांगनाएं सबक सिखा कर ही वापस लौटेंगी. वीरांगनाओं को हिरासत में लिया है इसके लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को शर्म आनी चाहिए. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इन वीरांगनाओं के पति देश के लिए शहीद हुए थे.

वहीं सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने धरने की आगे की रणनीति पर कहा कि सरकार अगर वार्ता के लिए बुलाती है तो हम बात करेंगे लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं. इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत धूर्तता कर रहे हैं. गुर्जर आंदोलन के दौरान देवर, भतीजे को नौकरी दी गई थी, वह भी सरकार ने ही दी थी, फिर इस मामले में सरकार को नौकरी देने में कहां दिक्कत आ रही है, उन्हें इस कारण परेशानी है कि मैं इस पूरे मामले का नेतृत्व कर रहा हूं. मैं मुख्यमंत्री जी से कहना चाहता हूं आप सिर्फ वीरांगनाओं को अपने निवास पर बुला लो और उनकी मांगों का समाधान कर दो. वीरांगनाओं का जो अपमान हुआ है उसका बदला तो वीरांगनाएं लेकर ही रहेगी.

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बता दें, राजधानी में पिछली 28 फरवरी से वीरांगनाओं का धरना चल रहा था. बीते दिन अचानक से वीरांगनाओं ने सांसद किरोडी लाल मीणा के साथ धरना स्थल से सीएम आवास की ओर कूच किया था, जहां से हल्की फुलकी खींचातानी के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर वीरांगनाओं को रोक दिया था. इस पर वीरांगनाओं ने मुंह में दूब डालकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने की गुहार लगाई थी. इसके साथ ही वीरांगनाओं ने कहा था कि वह मर जाएंगी लेकिन यहां से नहीं हटेंगी. इस मामले को बढ़ता हुआ देख पुलिस ने अल सुबह ही वीरांगनाओं को गिरफ्तार कर लिया. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि सांसद मीणा के नेतृत्व में चल रहा है धरना किस और जाता है.

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