Bhupesh Baghel
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Chhattisgarh ED Raid: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के घर पर ईडी ने छापा मारा है. वर्मा पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है. आरोप में कहा गया है कि एएसआई चंद्रभूषण वर्मा और सतीश चंद्राकर दुबई स्थित महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटरों से मोटी रकम ले रहे थे और इसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय में राजनीतिक रूप से जुड़े नेताओं को ‘संरक्षण राशि’ के रूप में वितरित कर रहे थे. इस मामले में विनोद शर्मा भी लिप्त रहे. घटना के बाद सीएम बघेल ने सेाशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए इसे अपने जन्मदिन का अमूल्य तोहफा बताया.

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी एवं शाह पर तंज कसते हुए लिखा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री जी एवं अमित शाह जी! मेरे जन्मदिन के दिन आपने मेरे राजनीतिक सलाहकार और मेरे ओएसडी सहित करीबियों के यहां ईडी भेजकर आपने मुझे जो अमूल्य तोहफा दिया है, इसके लिए बहुत आभार.’

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दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापा मारा है. आरोप है कि विनोद वर्मा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में शामिल थे. ईडी ने विनोद वर्मा समेत 10 लोगों की संपत्तियों पर तलाशी ली है. महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संलिप्तता के लिए सहायक उप निरीक्षक (ASI) चंद्रभूषण वर्मा सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें हवाला ऑपरेटर सतीश चंद्राकर, अनिल दम्मानी और सुनील दम्मानी भी शामिल हैं.

ईडी के अनुसार एएसआई चंद्रभूषण वर्मा और सतीश चंद्राकर दुबई स्थित महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटरों से मोटी रकम ले रहे थे और इसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय में राजनीतिक रूप से जुड़े नेताओं को ‘संरक्षण राशि’ के रूप में वितरित कर रहे थे. महादेव ऑनलाइन बुक एप्लिकेशन पोकर, कार्ड गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी के लिए एक मंच है. भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ऐप के मुख्य प्रमोटर हैं और दुबई से अपना संचालन चलाते हैं. ईडी का आरोप है कि एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को करीब 65 करोड़ रुपये नकद मिले थे. उन्होंने अपनी कटौती बरकरार रखी और वरिष्ठ पुलिस कर्मियों और राजनेताओं को रिश्वत बांटी.

ED ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी. इसके बाद कई राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज की गई अन्य एफआईआर को भी जांच के हिस्से के रूप में शामिल किया गया है. जांच एंजेंसी ने सहायक उप निरीक्षक (ASI) चंद्रभूषण वर्मा को 65 करोड़ रुपए नकद मिलने और रकम को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं सीएम कार्यालय में राजनीतिक नेताओं को बांटने का भी आरोप लगाया है. कोर्ट ने सभी आरोपियों को 6 दिन की हिरासत में भेजा है.

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