यूपी में कांग्रेस के साथ हो गया ‘खेला’! क्या गठबंधन का फॉर्मला हुआ फेल?

rahul gandhi vs akhilesh yadav up
18 Oct 2024
उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले उप चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ 'खेला' होने की संभावना बन रही है. संभावना इसलिए क्योंकि अभी तक कांग्रेस की तरफ से कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है. यह खेल इसलिए भी रोचक बन रहा है क्योंकि महागठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी ने जहां एक ओर विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने का दावा किया है. वहीं कांग्रेस को तो इस बारे में कुछ भनक तक नहीं है. इस एक तरफा खेल को मूर्त रूप कब तक दिया जाएगा, फिलहाल इस बारे में कोई सीधे संकेत नहीं बनते दिख रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=n3MPij5HRKU दरअसल, राज्य में 10 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं. इस संबंध में सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी पार्टी 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि गाजियाबाद और खैर विधानसभा सीटें कांग्रेस के लिए खाली छोड़ दी गयी हैं. चौधरी ने ये भी कहा कि कांग्रेस से हमारा समझौता फाइनल हो गया है. 10 सीटों में से कांग्रेस दो जबकि समाजवादी पार्टी अन्य आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी. यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में अजित पवार महायुति की सबसे कमजोर कड़ी! शरद पवार की गुगली पड़ेगी भारी गौर करने वाली बात ये है कि कांग्रेस अभी तक इस फैसले से पूरी तरह बेखबर है. यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने इस बात को लेकर आश्चर्य जताया है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस गठबंधन के फॉर्मूले की कोई जानकारी नहीं है. हमने सपा से पांच सीटों की मांग रखी है. बात ये भी खास है कि आगामी उप चुनाव के लिए कांग्रेस जिन मीरापुर और कुंदरकी सीटों की मांग कर रही है, उनमें से एक मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से संबुल राणा को सपा की ओर से उम्मीदवार बनाया है, जबकि कुंदरकी सीट के लिए अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है. सपा की ओर से अब तक 6 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया जा चुका है. कश्मीर में साथ दिखे राहुल-अखिलेश इससे पहले राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव जम्मू कश्मीर के नए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में एक साथ नजर आए थे. मंच पर ही दोनों के बीच बातचीत हो रही थी, जो इस बात का संकेत देती है कि दोनों पार्टियों के बीच तालमेल बढ़ रहा है. हालांकि कांग्रेस की ओर से ज्यादा सीटों की मांग की जा रही है लेकिन 50:50 का फॉर्मूला सपा के भी गले नहीं उतर रहा है. एकआत सीट को छोड़कर मतभेद ज्यादा बढ़ने की संभावना कम है. बीजेपी ने की चुनाव तिथि बदलने की मांग वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और उपचुनाव के मतदान की तारीख में बदलाव की मांग की है. चुनाव आयोग ने मतदान के लिए 13 नवंबर की तारीख घोषित की है, जो कि 15 नवंबर को आने वाले कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व से टकरा रही है. बीजेपी का कहना है कि इस पर्व के कारण बड़ी संख्या में लोग मतदान से वंचित रह सकते हैं, इसलिए मतदान की तारीख में बदलाव करना उचित होगा. हालांकि इस बारे में ​अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है.