चंद्रबाबू नायडू की होगी एनडीए में रिएंट्री! अमित शाह से मिलने पहुंचे एन.लोकेश

आंध्र प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष पुरंदेश्वरी और तेलंगाना के पार्टी अध्यक्ष किशन रेड्डी की उपस्थिति को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज, आंध्रा के एक्स सीएम चंद्रबाबू नायडू की जेल में सुरक्षा को लेकर भी हुई बातचीत, नायडू के जल्दी जेल से बाहर आने की भी अटकलों ने पकड़ा जोर

Lokesh Nara
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Nara Lokesh meets Shah: कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी की एनडीए में फिर से रिएंट्री हो सकती है. जेल में बंद चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश की गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात इस ओर स्पष्ट संकेत दे रही है. हालांकि एन.लोकेश ने कहा कि मुलाकात के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई है. अमित शाह ने केवल नायडू पर दर्ज मामलों की जानकारी ली हैं. बावजूद इसके, टीडीपी की एनडीए में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं. आंध्र प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष पुरंदेश्वरी और तेलंगाना के पार्टी अध्यक्ष किशन रेड्डी की उपस्थिति का राजनीतिक संदेश स्पष्ट है.

15 मिनट चली मुलाकात रही संतोषपद्र

नारा लोकेश के अनुसार, अमित शाह ने चंद्रबाबू नायडू और परिवार के सदस्यों के खिलाफ जगन मोहन रेड्डी सरकार द्वार दर्ज सभी मामलों की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने जेल के भीतर चंद्रबाबू नायडू के स्वास्थ्य के बारे में भी पूछताछ की. लोकेश ने साफ कर दिया कि चंद्रबाबू नायडू और खुद उसके खिलाफ बेबुनियाद आरोपों के सहारे प्रताड़ित किया जा रहा है. लोकेश ने गृहमंत्री केा जेल में सजायाफ्ता नक्सली नेताओं की उपस्थिति से नायडू की सुरक्षा को लेकर चिंता से भी अवगत कराया. लोकेश ने लगभग 15 मिनट तक चली मुलाकात को काफी संतोषप्रद बताया.

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गौरतलब है कि करीब 5 महीने पहले चंद्रबाबू नायडू की मुलाकात भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह से हुई थी. इसके बाद टीडीपी की राजग में वापसी की अटकलें लगनी शुरू हो गई थी. हालांकि तब मामला अचानक से ठंडा पड़ गया था. अब लोकेश के साथ केंद्रीय मंत्री की इस मुलाकात के बाद अटकलों को फिर से बल मिला है.

टीडीपी की वापसी में पहले से जुटे थे पवन कल्याण

एनडीए में शामिल जन सेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण पहले से टीडीपी की वापसी की कोशिश में जुटे थे. इसी बीच चंद्रबाबू नायडू गिरफ्तार हो गए और पवन कल्याण ने इसके तुरंत बाद टीडीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का खुला ऐलान कर दिया. 2019 में लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देंखे तो टीडीपी, जनसेना और बीजेपी तीनों का सम्मिलित वोट शेयर वाईएसआर कांग्रेस से थोड़ा ही कम है. पिछले बार भी टीडीपी ने एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ा था. 2019 के पहले टीडीपी का तेलंगाना में करीब 15 फीसदी वोट बैंक था. एनडीए में वापसी और गठबबंधन में चुनाव लड़ने का फायदा बीजेपी को निश्चित तौर पर मिलने वाला है.

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