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कर्नाटक में चुनावी प्रचार का शोर थम चुका है और अब केवल मतदान के दिन का इंतजार है. 10 मई को प्रदेश की 224 सीटों पर वोटिंग होगी. बीते कुछ दिनों में बीजेपी और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी दंगल में जमकर पसीना बहाया है. देखा जाए तो जमीनी तौर पर बीजेपी अन्य सभी दलों पर भारी पड़ रही है लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कर्नाटक की आबोहवा में कुछ अलग तरह का रंग भी घुला हुआ है. यही वजह है कि बीजेपी खुद की पशोपेश में है कि जनता का मूड क्या बन रहा है. यह चुनावी सियासी तौर पर कांग्रेस के लिए भी खास महत्व रखता है. यही वजह रही कि चार साल से किसी चुनावी प्रचार में नहीं उतरी सोनिया गांधी कर्नाटक के हुबली में जनरैली को संबोधित करते हुए दिखी. वहीं दूसरी ओर बीजेपी की बौखलाहट इस कदर तीव्र है कि सोनिया गांधी के खिलाफ पार्टी के कुछ नेता चुनाव आयोग पहुंच गए हैं और कांग्रेस की मान्यता तक रद्द करने की शिफारिश कर रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने सोनिया गांधी के एक बयान को लेकर विरोध जताते हुए चुनाव आयोग के सामने शिकायत दर्ज कराई है. कथित तौर पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा ने कर्नाटक में शनिवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कर्नाटक के लिए ‘संप्रुभता’ शब्द का इस्तेमाल किया था. बीजेपी ने निर्वाचन आयोग से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ इस मामले में कार्रवाई करने और चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक के लिए संप्रभुता शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर कांग्रेस पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग की है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर आयोग को एक ज्ञापन भी सौंपा है.

ज्ञापन में बीजेपी की ओर से लिखा गया है, ‘कर्नाटक भारत संघ में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सदस्य राज्य है और भारत संघ के सदस्य राज्य की संप्रभुता की रक्षा करने का कोई भी आव्हान अलगाव के आव्हान के समान है. यह खतरनाक और घात परिणामों से भरा हुआ है.’

इस संबंध में पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी नेता तरूण चुघ ने जनप्रतिनिधित्व कानून का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की मान्यता रद्द की जानी चाहिए. बीजेपी ने इस मुद्दे पर सोनिया गांधी के उस बयान की एक प्रति भी सौंपी है जिसे कांग्रेस ने ट्वीट किया है.

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दरअसल, कांग्रेस की ओर से शनिवार को हुबली में एक चुनावी रैली में सोनिया गांधी के एक भाषण का जिक्र करते हुए एक टवीट किया गया है. इस टवीट में कहा गया है, ‘कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने 6.5 करोड़ कन्नड लोगों को एक कड़ा संदेश दिया.’ पार्टी ने उनकी एक तस्वीर भी साझा की जिसमें वह जनसभा को संबोधित करते दिख रही हैं. कांग्रेस ने टवीट किया था, ‘कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता के लिए खतरा पैदा नहीं करने देगी.’ अब इस मुद्दे को लेकर बीजेपी बवाल मचा रही है.

मामले पर रोशनी डालते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘उन्होंने सोनिया गांधी जानबूझकर संप्रभुता शब्द का इस्तेमाल किया. कांग्रेस का घोषणा पत्र टुकड़े – टुकड़े गैंग का एजेंडा है और इसलिए वे इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस देश विरोधी कृत्य के खिलाफ कार्रवाई करेगा.’

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