सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले CM गहलोत ने किसान कर्जमाफी के आरोप पर PM मोदी को दिया जवाब

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19 Dec 2020
Politalks.News/Rajasthan. अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही बिखरी हुई कांग्रेस को संजीवनी देने के उद्देश्य से सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई शीर्ष नेताओं की बैठक में भाग लेने 10 महीने बाद जयपुर से बाहर निकले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार शाम दिल्ली पहुंचे. विशेष विमान से दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री गहलोत ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केन्द्र से सहयोग नहीं मिलने के चलते किसानों की कर्जमाफी अधूरी है. प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखने के बावजूद केन्द्र ने कोई सहयोग नहीं किया. राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी को लेकर पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा एमपी के किसानों को संबोधित करते हुए गहलोत सरकार पर लगाए गए आरोप के जवाब में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अभी तक मुझे नहीं पता है कि प्रधानमंत्री ने क्या कहा है. हमने प्रदेश के किसानों के सहकारी बैंकों के सभी कर्ज माफ कर दिए हैं लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज माफ करने में केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है. राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज माफ करने के लिए आरबीआई की मंजूरी जरूरी है. इसके लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखे गए, लेकिन वहां से कोई बात नहीं की जा रही है, इसके चलते इसमें देरी हो रही है. यह भी पढ़ें: सीएम गहलोत ने जनता को दिया 11 हजार करोड़ की योजनाओं का तोहफा, केंद्र व RSS पर बोला बड़ा हमला केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के हिस्से की बकाया राशि नहीं दिए जाने पर सीएम गहलोत ने कहा कि जीएसटी का हजारों करोड़ रुपए बकाया है, लेकिन केंद्र सरकार राज्यों की खराब माली हालत को देखने के बावजूद भी जीएसटी की क्षतिपूर्ति नहीं कर रही है. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, "आज जीएसटी का पैसा रुक गया है राज्यों को, कोविड का मुकाबला कौन कर रहा है, राज्य सरकारें कर रही हैं और वो पैसा रुका हुआ है, तो तकलीफ तो राज्यों को हो रही है न. पूरा वित्तीय प्रबंधन गड़बड़ा रहा है, रेवेन्यू ध्वस्त हो गया है. हालांकि केंद्र की भी कम हुई है राज्यों की भी कम हुई है पर केंद्र के पास तो आरबीआई भी है अधिकार हैं नोट छापने के, राज्यों के पास क्या है? तो केंद्र को आगे आकर राज्यों के क्या माली हालत हैं देखना चाहिए, इम्दाद करनी चाहिए." प्रदेश में कांग्रेस सरकार के 2 साल पूरे होने पर सीएम गहलोत ने कहा कि, "हमने जो वायदे जनता से किए थे उनमें से आधे वादे हम लोगों ने पूरे किए हैं, जबकि आचार संहिता लागू हुई थी, कोरोना अलग आ गया, तब भी हमने कमी नहीं रखी और कोरोना में बेमिसाल काम हुए हैं राजस्थान के अंदर." सीएम गहलोत ने कहा कि हमने इन 2 सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत अच्छा काम किया है. कोरोना से निपटने में हमारे काम को पूरे देश में सराहा गया है. यह भी पढ़ें: आंतरिक कलह से त्रस्त कांग्रेस में बड़े फेरबदल की आशंका के बीच सोनिया ने बुलाई शीर्ष नेताओं की अहम बैठक वहीं देशभर में जारी किसान आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को कानून बनाने से पहले किसानों को विश्वास में लेना चाहिए था. अगर किसान आंदोलन कर रहे हैं तो केंद्र सरकार को उनके बारे में सोचना चाहिए. मीडिया में रिपोर्ट्स आई है कि ऐसी कडक़ड़ाती सर्दी में कई किसानों की जाने जा चुकी है. सीएम गहलोत ने कहा कि अगर पहले से किसानों से बात की गई होती तो यह नौबत ही नहीं आती. दिल्ली एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सीधे पहले अपने अजीज दोस्त और कांग्रेस के दिग्गज दिवंगत नेता अहमद पटेल के मदर टेरेसा क्रिसेंट स्थित आवास पर गए. जहां सीएम गहलोत ने पटेल के परिवारजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और अहमद पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की.