bengal politics
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लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोपों में घिरी पश्चिम बंगाल की सांसद महुआ मोइत्रा को सीएम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर से उम्मीदवार बनाया है. मोइत्रा को एक बार फिर से कृष्णानगर से पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है. पिछले बार मोइत्रा ने इसी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार को डेढ़ लाख से अधिक वोटों से करारी मात दी थी. इस बार भी महुआ मोइत्रा का दावा काफी मजबूत है लेकिन बीजेपी के मास्टर स्ट्रोक की वजह से अब मोइत्रा की चमक फीकी होती दिखाई दे रही है.

दरअसल, बीजेपी ने वेस्ट बंगाल की कृष्णानगर सीट से शाही परिवार की राजमाता अमृता राय को चुनावी समर में उतारा है. सियासी विशेषज्ञ इस फैसले को मास्टर प्लान कह रहे हैं. राय टीएमसी की महुआ मोइत्रा को टक्कर देती नजर आएंगी. अमृता रॉय कृष्णानगर के राजबाड़ी की राजमाता हैं. उन्होंने 20 मार्च को ही बीजेपी की शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की थी. स्थानीय एवं लोकप्रिय चेहरा होने के चलते अमृता रॉय का दावा महुआ मोइत्रा के मुकाबले काफी मजबूत दिख रहा है.

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एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी को इस सीट पर एक ऐसे स्थानीय चेहरे की जरूरत थी जो परिचित और क्षेत्र में प्रभावशाली हो. नदिया जिले के इतिहास में राजा कृष्णचंद्र के कीमती योगदान के बारे में सभी जानते हैं जिसका फायदा बीजेपी को मिलेगा. इसी कड़ी में राजमाता अमृता रॉय को इस संसदीय क्षेत्र में टिकट देने से बीजेपी को ताकत मिलेगी.

गौरतलब है कि पिछले आम चुनाव में पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने बड़ी जीत हासिल की थी. उन्हें चुनाव में छह लाख से ज्यादा वोट हासिल हुए थे. वहीं, बीजेपी के कल्याण चौबे को 5 लाख वोट मिले थे. महुआ को चोपड़ा, पलाशीपारा, और कालीगंज विधानसभा क्षेत्रों में जमकर वोट हासिल हुए थे. ऐसे में बीजेपी को एक मजबूत चेहरा महुआ के खिलाफ चाहिए था. अमृता राय से बेहतर चेहरा यहां नहीं हो सकता. ऐसे में टीएमसी और महुआ मोइत्रा की राह अब आसान नहीं रहने वाली है. बता दें कि पिछले आम चुनाव में पश्चिम बंगाल में बीजेपी को 18 सीटें हासिल हुई थी. इस बार पार्टी का लक्ष्य 30 से अधिक सीटें हासिल करना है.

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