महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार के गठन का रास्ता साफ, उद्वव ठाकरे के नाम पर बनी सहमति, 20 साल बाद बनेगा शिवसेना का मुख्यमंत्री

(Coalition Government in Maharashtra)
23 Nov 2019
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. फाइनली महाराष्ट्र में पिछले 28 दिनों से जारी सियासी घमासान का पटाक्षेप कमोबेश अब हो चुका है. महाराष्ट्र में अगली (Coalition Government in Maharashtra) सरकार शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनने जा रही है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी की शुक्रवार को चली लंबी बैठक के बाद मुख्यमंत्री का ऐलान किया. इसके बाद शिवसेना के खेवनहार और प्रवक्ता संजय राउत ने भी इस बात की पुष्टि कर दी कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं. ऐसे में दोनों नेताओं के बयान के बाद अब ये कन्फर्म माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर जो सस्पेंस बना हुआ था वो खत्म हो गया है. यानी ये पहली बार होगा कि कोई ठाकरे परिवार का सदस्य सूबे के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा. शुक्रवार को हुई तीनों दलों की अहम बैठक के बाद शरद पवार ने कहा कि ये साफ है कि नेतृत्व का मुद्दा हमारे सामने नहीं है. कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना तीनों दलों (Coalition Government in Maharashtra) में इस बात को लेकर सहमति है कि उद्धव ठाकरे ही सरकार का नेतृत्व करेंगे. बता दें तीनों दलों के अलावा अन्य छोटे दलों ने भी उद्वव ठाकरे के नाम पर ही सहमित जताई है. हालांकि तीनों दलों के बीच कल शनिवार को भी बैठक होगी. कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि आज की मीटिंग अधूरी रही, कुछ मुद्दों और बातचीत कल भी जारी रहेगी. वहीं बैठक के बाद एनसीपी और कांग्रेस की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पृथ्वीराज चव्हाण ने भी यही कहा कि तीनों दलों के बीच सरकार बनाने को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई. हम कई मुद्दों पर आम सहमति पर पहुंच गए हैं, लेकिन कुछ मुद्दों बातचीत कल भी जारी रहेगी. बड़ी खबरमहाराष्ट्र में शिवसेना के खेवनहार बने संजय राउत, उद्दव ठाकरे ने दिया फ्री हैंड सूत्रों के अनुसार इससे पहले वर्ली के नेहरू सेंटर में हुई इस बैठक में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के बीच सरकार के गठन (Coalition Government in Maharashtra) को लेकर अंतिम सहमति बनी, जिसके मुताबिक शिवसेना का मुख्यमंत्री पूरे पांच साल के लिए बनेगा. दो डिप्टी सीएम कांग्रेस और एनसीपी के बनेंगे और दोनों पांच साल तक रहेंगे. बता दें, पहले चर्चा थी कि एनसीपी और शिवसेना के मुख्यमंत्री का कार्यकाल ढाई-ढाई साल का होगा. एनसीपी के सीएम के कार्यकाल के दौरान ढाई साल शिवसेना का डिप्टी सीएम और शिवसेना के कार्यकाल के दौरान ढाई साल एनसीपी का डिप्टी सीएम रहेगा. फिलहाल सूत्रों के मुताबिक यह तय हो गया है कि शिवसेना का सीएम पांच साल तक रहेगा. लेकिन इस बैठक में जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है, उनमें अगर सूत्रों की मानें तो बड़ा मुद्दा गठबंधन सरकार (Coalition Government in Maharashtra) में बहुत अहमियत रखने वाला स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का पद है जिनके नाम पर सहमति नहीं बन पाई है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पृथ्वीराज चव्हाण के लिए स्पीकर पद चाहती है लेकिन एनसीपी इस पर राजी नहीं है. अब शनिवार को पहले कांग्रेस-एनसीपी की बैठक होगी, उसके बाद इसमें शिवसेना को बुलाया जाएगा. बाद में तीनों पार्टियां एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंतिम घोषणा करेंगी. हालांकि शुक्रवार की बैठक के बाद शरद पवार ने यह भी जानकारी दी कि शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तीनों पार्टियां राज्यपाल से मुलाकात करने जाएंगी. बड़ी खबरपायलट ने दिलाया विश्वास, एमबीसी आरक्षण में नहीं होगी किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के बाद किसी भी दल द्वारा बहुमत के लिए आवश्यक 145 विधायकों की संख्या हासिल नहीं कर पाने के कारण महाराष्ट्र में 12 नवंबर को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी थी, लेकिन उसके बाद से ही कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना एक नया गठबंधन बनाकर सरकार गठन की तैयारियों में लगे थे. कई दौरे की लम्बी बातचीत के बाद शुक्रवार को मुंबई के नेहरू सेंटर में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद 'महाविकास आघाड़ी' की सरकार (Coalition Government in Maharashtra) बनने का रास्ता अब साफ हो गया.