दुष्यंत चौटाला मिटिंग करते रह गए, वहां खट्टर तलाश लाए सरकार बनाने की चाबी

Jannayak Janata Party
25 Oct 2019
हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम जब आए तो जननायक जनता दल और पार्टी के मुखिया दुष्यंत चौटाला के लिए दिवाली का रिटर्न गिफ्ट देने वाले जैसे यानि खुश खबर लेकर आयी. केवल एक साल पुरानी पार्टी (Jannayak Janata Party) जिसे आम तौर पर बच्चों की पार्टी कहा गया, उसने 10 सीटें जीत धमाका कर दिया. मतदान के पहले से ही दुष्यंत चौटाला को हरियाणा सरकार का किंगमेकर बताया जा रहा था और हुआ भी कुछ ऐसा ही. सरकार की 'चाबी' स्पष्ट तौर पर दुष्यंत के पास ही थी लेकिन वे राजधानी दिल्ली में केवल रणनीति बैठाते रह गए और इधर मनोहर लाल खट्टर सरकार की चाबी ढूंढ़ लाए. भाजपा को हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 6 विधायकों की जरूरत थी. खट्टर और भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने संभावित परिणामों से पहले ही जोड़ तोड़ बिठाने की तैयारियां शुरु कर दी. यही वजह रही कि चुनावी परिणाम आने के 12 घंटों के अंदर अंदर बीजेपी सभी सात निर्दलीय विधायकों सहित इनेलो और हरियाणा लोकहित पार्टी के एक-एक विधायक को अपने पाले में लाने में सफल हो गए. यह भी पढ़ें: वे 9 निर्दलीय विधायक जो लगा रहे खट्टर सरकार की नैया पार वहीं शुक्रवार शाम जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से रूबरू हुए. चौटाला ने कहा कि हम किसी भी पार्टी से कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत साझेदारी करेंगे. उन्होंने कहा कि वैसे तो पार्टी के पास न कांग्रेस और न ही भाजपा की तरफ से कोई फोन आया और न ही गठबंधन के लिए कोई बात हुई. इसके बावजूद पार्टी के अधिकांश साथियों ने भाजपा के पास जाने की इच्छा जाहिर की है. चौटाला ने कहा कि हमारी पार्टी (Jannayak Janata Party)हरियाणा को आगे ले जाने और प्रदेश के विकास के लिए काम करेगी. जेजेपी कॉमन मिनिमम प्रोग्राम वाली पार्टी को समर्थन देगी. हम समान विचारधारा वालों के साथ चलेंगे. जो सम्मान देकर साथ चलेगा, उसी के साथ आगे बढ़ेंगे. बड़ी खबर: ‘दुष्यंत चौटाला को फोन कर शाह जी ने पूछा – समर्थन दोगे या जान’ दुष्यंत चौटाला ने ये भी बताया कि पार्टी की तरफ से मुझे विधायक दल का नेता चुना गया है. ईश्वरसिंह को उप नेता की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. जेजेपी पार्टी के प्रमुख ने मीडिया को बताया कि वे ऐसी पार्टी के साथ जाएंगे जो हरियाणा के विकास, किसान, युवा, बेरोजगारी और अन्य विकास के मुद्दों पर काम करे. उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी से भागीदारी भी रखेंगे. साथ ही अपने एजेंडा पर काम भी करेंगे. यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में हारकर भी सिकंदर बनी NCP, हरियाणा में कांग्रेस ने जिंदा रखी आस बता दें, हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव हुए जिनका परिणाम गुरुवार को घोषित हुआ. भाजपा ने 40 और कांग्रेस ने 31 सीटों पर कब्जा जमाया. पहला विधानसभा चुनाव लड़ रही जननायक जनता दल (Jannayak Janata Party) ने 10 सीटें हासिल की. पार्टी को कुल वोट में से करीब 15 फीसदी मत मिले. इसके अलावा, सात सीटों पर निर्दलीय और इनेलो एवं एचएलपी ने एक-एक सीट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे. वर्तमान सरकार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. दिवाली के बाद उनकी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की उम्मीद जताई जा रही है.