भजनलाल कैबिनेट के बड़े फैसले, सेमी कंडक्टर पॉलिसी पर लगी मुहर, 23 जनवरी से आयोजित होंगे ग्राम उत्थान शिविर

full video temp (1200 x 650 px) (2)
21 Jan 2026
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले बुधवार को भजनलाल कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और सुमित गोदारा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. कैबिनेट की बैठक में एयरोस्पेस, रक्षा विनिर्माण और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नई नीतियों के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए. कैबिनेट की बैठक में अशांत क्षेत्रों में लोगों की सम्पत्तियों और किरायेदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए विधेयक के प्रारूप को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. दंगा आदि से प्रभावित क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित कर सकेगी सरकार कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री जोगाराम पटेल ने ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल- 2026’को लेकर कहा कि कई क्षेत्रों में जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बनने से सार्वजनिक व्यवस्था, सद्भाव और मेलजोल से रहने का सामुदायिक चरित्र प्रभावित हो रहा है. जिससे उस क्षेत्र में अशांति के हालात बन जाते हैं. ऐसी स्थिति में उस क्षेत्र के स्थायी निवासियों को अपनी स्थायी सम्पतियां कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है. इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में अशांत क्षेत्रों में स्थाई निवासियों की सम्पत्तियों और सम्पत्तियों पर किरायेदारों के अधिकारों को संरक्षण किया जा सकेगा. इससे प्रदेश में सामुदायिक सद्भावना कामय रखी जा सकेगी. इस विधेयक को सरकार आगामी विधानसभा सत्र में पेश करेगी. ये भी पढ़े :A सर्टिफिकेट के साथ ‘धुरंधर-2’ के टीजर को मिली अनुमति, जानें क्या होगी अक्षय खन्ना की भूमिका राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी–2025 कैबिनेट ने राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी–2025 को भी मंजूरी दे दी है. यह नीति प्रदेश में रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देने के साथ ही राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण हब बनाने की दिशा में मददगार साबित होगी. इस क्षेत्र में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ MSME,स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित इकोसिस्टम के विकास पर केन्द्रित यह नीति आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगी. सरकार को उम्मीद है कि राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी–2025 से राज्य में एयरोस्पेस एवं डिफेन्स सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, उच्च तकनीक आधारित उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे. राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2025 प्रदेश की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2025 को भी कैबिनेट मंजूरी दे दी है. यह नीति राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग तथा संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में देश का प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इन नीति का प्रमुख उद्देश्य सेमीकंडक्टर और सेंसर्स के क्षेत्रों में एंकर निवेश को आकर्षित करना, विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों का विकास करना और फैबलेस डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है. इसके साथ ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी एवं कौशल संवर्धन, रिसर्च एवं डेवलपमेंट तथा टैक्नोलॉजी ट्रांसफर को भी इस नीति के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि यह नीति निवेशकों को आकर्षित कर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देगी और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी. ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बीकानेर जिले की बीकानेर तहसील के ग्राम लाखूसर में 72.06 हैक्टेयर भूमि और जैसलमेर जिले की उपनिवेशन तहसील रामगढ़ नं.2 के ग्राम रामगढ़ उत्तर में 745.41 हैक्टेयर भूमि सशर्त आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है. राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में संशोधन राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में भी संशोधन किया गया है. अब किसी भी प्रकार से बाल विवाह में भाग लेने, बाल विवाह तय करने या बाल विवाह करने वाले सरकारी कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. 23 जनवरी से आयोजित होंगे ग्राम उत्थान शिविर पीएम नरेन्द्र मोदी के गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारीशक्ति GYAN के कल्याण के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार जल्द ही ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट, GRAM2026’ का आयोजन करने जा रही है. इसके बारे में भी आज मंत्रिपरिषद में चर्चा की गई. https://www.youtube.com/watch?v=L4vZlROKmKM किसानों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित कर उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्कल पर 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा. ये शिविर दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे. बसंत पंचमी के मौके पर 23 जनवरी को पहले चरण की शुरूआत होगी, जिसमें 24, 25 और 31 जनवरी को शिविर आयोजित किए जाएंगे. वहीं, दूसरे चरण में 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक इनका आयोजन होगा. इस प्रकार 10 दिनों तक प्रदेशभर में 2 हजार 839 शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदेशभर में आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों से पहले 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को ग्राम उत्थान शिविरों में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी जाएगी. शिविरों में तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पौण्ड, बैलों से खेती योजना के अन्तर्गत प्रोत्साहन राशि की स्वीकृतियां, सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, बीज मिनिकिट वितरण का सत्यापन करने के साथ ही फव्वारा और ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पम्प संयंत्र आदि की स्वीकृतियां और मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों सहित अन्य महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे. इसी प्रकार स्वामित्व कार्डों का वितरण, नहरों एवं खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का चिन्हीकरण, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत पंजीकरण एवं युवा स्वरोजगार योजना सहित अन्य काम भी किये जाएंगे. इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज सहित 12 विभाग भाग लेंगे. बसंत पंचमी पर प्रदेशभर में होगा मेगा PTM 23 जनवरी को बसंत पंचमी के मौके पर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में एक साथ मेगा PTM का आयोजन किया जाएगा. यह ना केवल राज्य का अब तक का सबसे बड़ा शैक्षिक सहभागिता आयोजन होगा, बल्कि अभिभावकों की सहभागिता के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम होगा. इस ऐतिहासिक आयोजन में 65 लाख अभिभावक शामिल होंगे. जो 31 अक्टूबर को आयोजित पिछले मेगा पीटीएम में निर्धारित 41 लाख के लक्ष्य से कहीं ज्यादा है. बसंत पंचमी के मौके पर सभी सरकारी स्कूलों में सरस्वती वंदना की जाएगी और कृष्ण भोग का आयोजन भी किया जाएगा।