शशि थरूर की राह पर दिग्विजय सिंह: हाथ से फिसलते जा रहे दिग्गी राजा

digvijay singh vs rahul gandhi
28 Dec 2025
कांग्रेस संगठन में काफी समय से कुछ भी ठीक नहीं चल रहा. किसी न किसी नाराजगी या तव्वजो न दिए जाने से नाराज कई युवा और अनुभवी नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं या छोड़ने का मन बना चुके हैं. पार्टी सांसद शशि थरूर लंबे समय से पार्टी से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करके पहले ही पार्टी से जंग छेड़ चुके हैं. अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय ​सिंह भी उसी राह पर चल रहे हैं. उन्होंने बीजेपी और आरएसएस का महिमा मंडन करने के साथ साथ कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी तक को तीखी नसीयत तक दे डाली. इसके बाद तो लगने लगा है कि दिग्गी राज भी अब पार्टी के 'हाथ' से फिसलते जा रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=YRhTG_wqsQ8 दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल हैंडल पर पीएम नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर को पोस्ट करते हुए सभी को हैरान कर दिया. इस तस्वीर में मोदी फर्श पर बैठे नजर आ रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने इसे आरएसएस और भाजपा की संघटन ​शक्ति का उदाहरण बताया. digvijay singh viral tweet उन्होंने ट्वीट में लिखा,'यह तस्वीर दिखाती है कि किस तरह से आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और जनसंघ/बीजेपी का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठने से लेकर पहले राज्य का सीएम और फिर देश का पीएम बनता है.' दिग्गी राजा का यह ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. राहुल गांधी पर कसा तीखा तंज दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'जिस तरह से चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता है, वैसे ही कांग्रेस पार्टी में भी संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है. ​राहुल गांधी को संघटन सृजन की शुरुआत की जरूरत है. मगर पार्टी को अधिक व्यावहारिक और विकेंद्रीकृत तरह से चलाने की आवश्यकता है.' दिग्गी ने दावा किया कि राहुल गांधी यह कर सकते हैं. हालांकि उन्हें मनाना आसान नहीं होता. यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र का महासंग्राम: एनसीपी के फिर से एक होने की चर्चाओं ने बढ़ाया सियासी ड्रामा पोस्ट पर बवाल होने पर कांग्रेस नेता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैं संगठन का पक्षधर हूं और आरएसएस एवं मोदी जी का घोर विरोधी हूं. मैंने बस संगठन की तारीफ की है. हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का इस तरह का आचरण कांग्रेस नेताओं के गले नहीं उतर रहा है. आने वाले समय में दिग्गी राजा को दिल्ली आलाकमान के सामने इस बारे में जवाब देना होगा, ये पक्का है.