राजस्थान को चलाना ‘भजन मंडली’ के बस की बात नहीं – हनुमान बेनीवाल

hanuman beniwal big statement about rajasthan government
28 May 2025
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भजनलाल सरकार पर फोन टेपिंग के गंभीर आरोप जड़े हैं. शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन के दौरान बेनीवाल ने कहा कि उनका फोन राज्य व केंद्र सरकार फोन टैप कर रही है. वाट्सअप के साथ अन्य माध्यमों से की जाने वाली बात को भी सरकार ने सर्विलांस पर ले रखा है. सांसद बेनीवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने सभी की प्राइवेसी को ताक पर रख दिया है. दो लोग आपस में बात करते हुए डरते हैं कि कहीं उनका फोन टेप तो नहीं हो रहा है. https://www.youtube.com/watch?v=v25iqNdZRtM यह भी पढ़ें: ‘अब जाकर सरकार की नींद खुली है’- डोटासरा का भजनलाल सरकार पर बड़ा हमला बेनीवाल ने ये भी कहा कि गलत नीतियों के चलते राजस्थान गलत दिशा में जा रहा है. राज्य को चलाना 'भजन मंडली' के बस की बात नहीं है. यहां एक मजबूत सरकार की आवश्यकता है. सरकार ने युवाओं के भरोसे को तोड़ा सांसद बेनीवाल ने राज्य सरकार पर करारे तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर जो वादे बीजेपी ने किए उन वादों को सत्ता में आते ही भुला दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस उप निरीक्षक भर्ती को रद्द करने की मांग को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा और जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा. सांसद ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन की मांग को दोहराते हुए कहा कि इसको लेकर राज्यपाल से समय मांगा है ताकि उनके साथ बैठकर भी युवाओं के मुद्दे पर व्यापक चर्चा हो सके. बेनीवाल ने सेना में अग्निवीर भर्ती योजना के खिलाफ भी बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है. आंदोलन करने से डर रहे कांग्रेसी सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपने कार्यकाल में किए गए घोटालों के डर से आंदोलन नहीं कर रहे है. उन्होंने कहा कांग्रेस के कार्यक्रमों में जनता ने जाना ही बंद कर दिया. वहीं मोदी सरकार पर तीखा तंज कसते हुए बेनीवाल ने कहा कि पूर्ववर्ती पीएम इंदिरा गांधी के पास जब बहुमत था, तब उन्होंने इमरजेंसी लगा दी, जिसके बाद देश के क्या हालात बने थे. अब मोदी सरकार में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है. आरएलपी सुप्रीमो ने उन्होंने मोदी सरकार के कार्यकाल में न्यायपालिका में बढ़ते राजनैतिक हस्तक्षेप पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है.