उदयपुर में आदिवासी पार्टी के उम्मीदवार बिगाड़ रहे बीजेपी-कांग्रेस का गणित!

udaipur loksabha seat
26 Apr 2024
Loksabha Election2024: राजस्थान की उदयपुर लोकसभा सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित है. इस सीट पर जनता ने एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी के उम्मीदवार को अवसर दिया है. पिछली दो बार से यहां मोदी लहर में बीजेपी को एक तरफा जीत मिल रही है. इस बार बीजेपी ने मन्नालाल रावत और कांग्रेस ने ताराचंद मीणा को मौका दिया है. भारत आदिवासी पार्टी के प्रकाश चंद बुज इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं. वहीं बसपा के दलपत राम गरासिया तीनों की राहों में कांटे बिझाने का काम कर रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=bZoTzgJPKRU यह भी पढ़ें: भीलवाड़ा में पहली बार चुनाव लड़ रहे दामोदर अग्रवाल पर भारी पड़ेंगे सीपी जोशी! विधानसभाओं में बीजेपी का कब्जा उदयपुर लोकसभा सीट 3 जिलों की 8 विधानसभा सीटों से बनी है. इनमें उदयपुर की 6 और प्रतापगढ़ एवं दुर्गापुर की एक-एक सीट शामिल हैं. इन आठ में से इकलौती उदयपुर सीट सामान्य श्रेणी की है ​जहां से ताराचंद जैन बीजेपी से विधायक हैं. अन्य सभी सीटें एसटी के लिए आरक्षित है. उक्त सीटों में से 5 सीटों पर बीजेपी के विधायक विराजमान है. उदयपुर की खेरवाड़ा सीट पर कांग्रेस और खारिवाड़ और आसपुर सीट भारत आदिवासी पार्टी के कब्जे में है. तीनों पार्टियों के बीच टक्कर उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी और कांग्रेस ने बड़े सरकारी पदों पर आसीन रहे अधिकारियों पर दांव खेला है. बीजेपी ने यहां से परिवहन विभाग के एडिशनल कमिश्नर रहे मन्नालाल रावत को प्रत्याशी घोषित किया है. कांग्रेस ने पूर्व आईएएस ताराचंद मीणा को चुनावी मैदान में उतारा है, जो 2 साल तक उदयपुर कलेक्टर के रूप में कार्यरत रहें. वहीं भारत आदिवासी पार्टी ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाले प्रकाश चंद्र को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. कांग्रेस बीजेपी में है सीधी टक्कर उदयपुर संसदीय क्षेत्र में करीब 22 लाख से अधिक जनसंख्या निवास करती है. इनमें से 11 लाख 33 हजार 207 पुरुष और 10 लाख 97 हजार 745 महिला मतदाता हैं. 19 ट्रांसजेंडर वोटर हैं. पिछली दो बार की जीत के चलते बीजेपी यहां काफी मजबूत है लेकिन कांग्रेस के ताराचंद मीणा उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. इस सीट पर भारत आदिवासी पार्टी का भी अच्छा प्रभाव माना जाता है. ऐसे में प्रकाश चंद्र दोनों उम्मीदवारों को चुनौती देने के साथ साथ समीकरण बिगाड़ रहे हैं. बहुजन समाजवादी पार्टी के दलपत राम सभी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में हैं. ऐसे में यहां पलड़ा आखिरी समय में किसी के भी पक्ष में झुक सकता है.