बड़ी मुश्किलों से हासिल हुई एक इकलौती सीट पर जीते कांग्रेस के विधायक भी अब दीदी की शरण में पहुंच गए हैं. कांग्रेस ने यह सीट उपचुनाव में जीती थी. इस सीट पर पर जीते कांग्रेस के इकलौते विधायक बायरन बिस्वास ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया. अब पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की विधानसभा सदन से छुट्टी हो गई है. बिस्वास पश्चिम मेदिनीपुर जिले में राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए. बिस्वास मुर्शिदाबाद जिले में अल्पसंख्यक बहुल सागरदिघी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हैं. इकलौते विधायक के पार्टी छोड़कर सीएम ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी में चले जाने से कांग्रेस को जोर का झटका लगा है.
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बिस्वास टीएमसी के चल रहे जनसंपर्क अभियान ‘तृणमूल-ए-नबोजोवार तृणमूल में नई लहर के दौरान घाटल क्षेत्र में पार्टी में शामिल हुए. अपने विधायक के तृणमूल में शामिल होने के बाद फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व ने चुप्पी साध रखी है.
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘आज चल रही #JonoSanjogYatra के दौरान अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में, सागरदिघी के कांग्रेस विधायक बायरन बिस्वास हमारे साथ शामिल हुए. हम उनका तृणमूल कांग्रेस परिवार में तहे दिल से स्वागत करते हैं! बीजेपी की विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण राजनीति के खिलाफ लड़ने के अपने संकल्प को मजबूत करने के लिए, आपने सही मंच चुना है. साथ मिलकर हम जीतेंगे.’
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गौरतलब है कि बिस्वास ने इस साल की शुरुआत में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागरदिघी सीट जीती थी. इस तरह राज्य विधानसभा में कांग्रेस को इकलौती सीट मिली थी, क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनावों में वह अपना खाता खोलने में विफल रही थी.
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सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र में 27 फरवरी को मतदान हुआ था. सागरदिघी में वाममोर्चा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. दो मार्च को परिणाम घोषित हुए थे. कांग्रेस विधायक के तृणमूल में शामिल होने के बाद कांग्रेस पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से शून्य पर आ गई है.