पीएम मोदी पर बोलने वाले पहले अपने आपको देखें’ – मंत्री गजेंद्र सिंह का CM गहलोत को करारा जवाब

gajendra singh on gehlot
11 May 2023
Shekhawat's counter attack on CM Gehlot: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा बीते दिन नाथद्वारा में दिए गए भाषण के बाद सियासी बयानबाजी का दौर चरम पर है. बीते दिन पीएम मोदी ने नाथद्वारा में करीब 5500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की प्रदेश को सौगात दी. इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती केंद्र सरकारों पर जमकर सियासी तंज कसे. पीएम मोदी के संबोधन के बाद सीएम गहलोत ने ट्वीट के माध्यम से पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा तो मोदी सरकार में जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर सीएम गहलोत पर जमकर पलटवार किया. https://www.youtube.com/watch?v=Hcy0PVfIrp4 मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम अशोक गहलोत द्वारा पीएम मोदी के नाथद्वारा में दिए भाषण की आलोचना पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि पीएम मोदी जनता के नेता हैं, किसी एक परिवार के नहीं, रही बात सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक बयान देने की तो पिछले सात दिन के राहत शिविरों में आपके बयान एक बार खुद भी सुन लीजिए, कितने गैर राजनीतिक थे. मंत्री शेखावत ने आगे कहा कि सीएम गहलोत, माननीय मोदी प्रधानमंत्री होने के नाते आपसे नहीं जनता से संवाद कर रहे थे. आप जिसे आलोचना कह रहे हैं, वो सच है. कांग्रेस को जब सत्ता मिली, उसने औरंगजेब की तरह तुष्टीकरण की नीतियां लागू कर दीं. आप और आपके नेता तो राम जन्मभूमि पर मंदिर भी नहीं देखना चाहते. जब-जब देश ने कांग्रेस के नेताओं की ओर उम्मीद से देखा, उन्हें धोखा मिला है. यह भी पढ़ेंः CM गहलोत का मोदी पर जोरदार पलटवार, कहा-‘ये देश एक दिन में नहीं बना है, 67 साल के विकास के बाद आप…’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उदयपुर के कन्हैया की जघन्य हत्या, करौली, जोधपुर, भीलवाड़ा के दंगे, जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों का छूट जाना, ताजा उदाहरण हैं कि कांग्रेस न्याय को भी तुष्टीकरण के तराजू से तौलती है. केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि पीएम मोदी को जनता ने दो बार प्रचंड बहुमत से देश की बागडोर सौंपी है और आज आपके सामने उन्होंने जनता को अपना मालिक कहा. वहां बैठे-बैठे ये नहीं सुना आपने, जनता का मालिक हो जाना, आपको अखर रहा है. जनता अपना नेता तय करती है सीएम गहलोत, आप, मैं या कोई पार्टी नहीं तय करती है. जहां तक सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक बयान देने की बात है, पिछले सात दिन के राहत शिविरों में आपके बयान एक बार खुद भी सुन लीजिए, कितने गैर राजनीतिक थे.