वसुंधरा सरकार के घोटालों की जांच की मांग को लेकर पायलट का अनशन शुरू, हज़ारों की संख्या में समर्थक मौजूद

sachin pilot
11 Apr 2023
Sachin Pilot's fast begins: राजस्थान की पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर प्रभारी रंधावा की सख़्ती के बावजूद सचिन पायलट का अपनी ही गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन शुरू हो गया है. राजधानी के शहीद स्मारक पर सचिन पायलट अपने हजारों समर्थकों के साथ अनशन पर बैठ गए हैं. शहीद स्मारक पर अंदर से लेकर बाहर तक हजारों की संख्या में प्रदेश के कोने कोने से आए हुए समर्थक पायलट के समर्थन में जमकर नारेबाजी कर रहे है. आज सुबह 11 बजे शुरू हुआ अनशन शाम 4 बजे तक चलेगा. इसके बाद पायलट मीडिया को अपना वक्तव्य देंगे. https://www.youtube.com/watch?v=xzAzRJRnUO8 पायलट के अनशन स्थल शहीद स्मारक पर केवल महात्मा गांधी और ज्योतिबा फुले की तस्वीर लगाई गई है. कांग्रेस के किसी भी अन्य नेता की फ़ोटो स्मारक पर नहीं लगाई गई है. अनशन स्थल पहुचने पर पायलट ने महात्मा ज्योतिबा फुले औऱ महात्मा गांधी की फोटो पर पुष्प अर्पित करके अपना अनशन शुरू किया. यह भी पढ़ें:  ‘सीएम अशोक गहलोत की सरकार ईमानदारी से कर रही है काम’, मंत्री रामलाल जाट का पायलट पर तंज पूर्व उपमुख्यमंत्री व पीसीसी चीफ रहे सचिन पायलट के अनशन में विप्र कल्याण बोर्ड के चेयरमैन महेश शर्मा, एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया, सेवादल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश चौधरी, कांग्रेस नेता पंडित सुरेश मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव राजेश चौधरी, प्रशांत शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनल लिस्ट किशोर शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के सचिव गजेंद्र सांखला और महेंद्र खेड़ी भी अनशन में मौजूद हैं. पायलट के अनशन पर कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व की भी नजर बनी हुई है कि पार्टी के कौन-कौन से नेता और कार्यकर्ता अनशन में शामिल हो रहे हैं. वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के जयपुर आने पर अब सस्पेंस अभी भी बरकरार है. पहले खुद रंधावा ने यह कहा था कि देर रात जयपुर पहुँच जाएंगे आज सुबह भी रंधावा जयपुर नहीं आए है. बताया जा रहा है कि रंधावा जयपुर आने की बजाए पंजाब से दिल्ली जा सकते हैं. बता दें पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गत रविवार पत्रकार वार्ता कर वसुंधरा राजे सरकार में हुए घोटालों की जांच अशोक गहलोत सरकार द्वारा नहीं करवाने के आरोप सरकार पर लगाए थे. सचिन पायलट ने कहा था कि साढे 4 साल के बाद भी गहलोत सरकार ने घोटालों की जांच नहीं की है जिसे लेकर वे 11 अप्रैल को शहीद स्मारक पर एक दिन के अनशन पर बैठेंगे.