सीएम गहलोत के प्रयासों के बाद कोयला आपूर्ति पर बघेल ने दिया आश्वासन, जल्द दूर होगा संकट!

कोयले पर बनी बात! केंद्र को लिया आड़े हाथ
25 Mar 2022
Politalks.News/Rajasthan/Chattisgarh. लॉकडाउन के बाद से ही कोयले की कमी को लेकर प्रदेश की गहलोत सरकार चिंतित है. इसी को लेकर आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ पहुंच राजस्थान की आवंटित कोयले की खानों से कोयला आवंटन में आ रही दिक्कतों को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 3 घंटे तक चली लंबी बैठक के बाद ये निष्कर्ष निकलकर आया कि, छत्तीसगढ़ राजस्थान को कोयला देने के लिए तैयार है. छत्तीसगढ़ सरकार के साथ रायपुर में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राजस्थान को कोयले की सुचारू आपूर्ति के लिए राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को आवंटित कोल ब्लॉक में माइनिंग करने की स्वीकृति शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया. इसके साथ ही सीएम गहलोत ने सीएम बघेल को कोयले की कमी से राजस्थान में संभावित ऊर्जा संकट की स्थिति से भी अवगत कराया. वहीं छत्तीसगढ़ पहुंचे सीएम गहलोत ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. https://www.youtube.com/watch?v=VXK_NLxKLKA छत्तीसगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया. इस दौरान सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, 'पत्राचार राजस्थान सरकार से भी और भारत सरकार से भी लगातार होता रहा है. राजस्थान सरकार को जो खदान मिला है, वो विधिवत भारत सरकार से ही उसे अलॉट हुआ. इस मांग के अनुरूप जो अलॉट हुआ है, उसकी विधिवत कार्रवाई की जा रही है. इसकी प्रक्रिया में समय लगता है.' बघेल ने आगे कहा कि, 'खदान अलॉटमेंट के बाद पर्यावरण और बहुत प्रकार के जो भारत सरकार के गाइडलाइन है. राज्य सरकार की गाइडलाइन है, उसे पूरा करना होता है. पर्यावरण और स्थानीय लोगों की मांग से हमने कभी समझौता नहीं किया. हमारी सरकार का मूल मुद्दा भी यही है और उसमें जो स्थानीय लोग हैं और पर्यावरण को लेकर राज्य सरकार हमेशा गंभीर रही है.' यह भी पढ़े: योगी 2.0 के शपथग्रहण में दिखा मोदी की सोशल इंजीनियरिंग का अनूठा गठजोड़, 2024 पर निगाहें! वहीं पत्रकार वार्ता के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि,' इस माह के बाद राजस्थान की विद्युत उत्पादन इकाइयों के लिए यहां से कोयले की आपूर्ति नहीं हो सकेगी. जिससे राज्य में विद्युत संकट उत्पन्न हो सकता है. राजस्थान के लोगों की तरफ से बड़ी उम्मीद के साथ छत्तीसगढ़ आए हैं और छत्तीसगढ़ से समय पर मदद मिलना आवश्यक है.' सीएम गहलोत ने आगे कहा कि, 'यद्यपि छत्तीसगढ़ की पर्यावरण संबंधी स्थानीय चिंताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन केन्द्र के समुचित आकलन के बाद ही राजस्थान को कोल ब्लॉक आवंटित किए गए हैं और संबंधित मंत्रालयों से इसकी सक्षम स्वीकृति जारी भी हो चुकी हैं.' छत्तीसगढ़ सरकार से अपील करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया कि, 'ऐसे में, पर्यावरण संरक्षण और राजस्थान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार इस विषय पर जल्द समुचित सकारात्मक निर्णय ले.' मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगे ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'भारत सरकार ने राजस्थान को वर्ष 2015 में इन इकाइयों के लिए छत्तीसगढ़ के पारसा ईस्ट-कांटा बासन (पीईकेबी) में 15 एमटीपीए तथा पारसा में 5 एमटीपीए क्षमता के कोल ब्लॉक आवंटित किए थे. बताया कि पारसा ईस्ट-कांटा बासन कोल ब्लॉक के प्रथम चरण में खनन इस माह में पूरा हो चुका है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजस्थान की जरूरतों के मद्देनजर आश्वस्त किया कि राजस्थान को कोयला आपूर्ति के लिए विधिवत कार्यवाही की जा रही है. पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय हितों एवं नियमों के अनुरूप सकारात्मक सोच के साथ अग्रिम कार्यवाही की जाएगी.' यह भी पढ़े: किरोड़ी मीणा ने उठाया पोटाश खनन का मुद्दा, केंद्र से की बिक्री दरें और रॉयल्टी जल्द तय करने की मांग वहीं छत्तीसगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. अशोक गहलोत ने कहा कि, 'आज देश में महंगाई दर हद पार कर गई है. बेरोजगारी के अंदर तो विस्फोटक स्थिति बन रही है, हाहाकार मच गया है, नौजवान लोग सड़कों पर आ रहे हैं, क्या हो रहा है देश के अंदर? सब लोग जानते हैं कि जिस प्रकार से महंगाई बढ़ती जा रही है, इनके काबू में ही नहीं है. अभी तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लग गए हैं, गैस के दाम बढ़ गए हैं, कोई जवाब इनके पास में नहीं है, चुनाव खत्म होते ही कंपनियों को छूट दे दी गई है, पहले रोक लगी हुई थी, ये इनकी राजनीति है.' कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर बनाई गया फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को लेकर जब सीएम गहलोत से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, 'देखिए, ये देश किस दिशा में जा रहा है और किस दिशा में जाएगा, कोई नहीं कह सकता, जो राज चल रहा है, शासन चल रहा है देश का, संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, लोकतंत्र खतरे के अंदर है, ये तो एक मुद्दा है, पर जिस प्रकार से सरकार की सोच है, कहीं लिंचिंग हो रही है, कहीं पर फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं, कहीं पर ईडी के, इनकम टैक्स के, सीबीआई के छापे पड़ रहे हैं पूरे देश के अंदर, आतंक मचा रखा है सरकार ने. सीएम गहलोत ने आगे कहा कि, 'जहां-जहां चुनाव आते हैं वहां-वहां छापे शुरू हो जाते हैं, खुले रूप में छापे पड़ रहे हैं, तो आप सोच सकते हो कि किस दिशा में हम जा रहे हैं, ये चिंता का विषय हर नागरिक का होना चाहिए, युवाओं को होना चाहिए. अगर देश को बचाना है तो सबको सोचना पड़ेगा कि वास्तव में क्या स्थिति है देश के अंदर.