दुष्यंत सिंह की आशीर्वाद यात्रा के क्या हैं सियासी मायने? राजे के भावुक भाषण से ताजा हुईं यादें

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16 Jan 2026
झालावाड़। सांसद दुष्यंत सिह झालावाड़ की जन संवाद पद यात्रा कर रहे हैं. दुष्यंत सिंह यात्रा के दौरान देर रात तक जनता के बीच रहकर उनके सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं. दुष्यंत सिंह का कहना है कि यह यात्रा आने वाले समय में क्षेत्र के प्रगति और विकास के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है. वसुधंरा राजे के भाषण पर तालियों से गूंजा पांडाल गुरुवार को उन्हेल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस पदयात्रा का भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया.पद यात्रा की शुरुआत से पहले नागेश्वर मंदिर में वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह ने दर्शन किए. जैन तीर्थ में मौजूद जैन संतों का आशीर्वाद लिया. इस मौके पर वसुंधरा राजे ने विशाल सभा को संबोधित किया और भावुक भाषण दिया. वसुंधरा राजे ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह सांसद थी तब पद यात्रा करती थीं. मेरे पांव में छाले पड़ जाते तो उन्हें पिन से फोड़ कर आगे बढ़ जाती थीं, वसुंधरा राजे ने शायराना अंदाज में कहा - ‘मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए’. वसुंधरा राजे के भाषण पर पूरा पांडाल तालियों से गूंज उठा. कुल 90 दिन की होगी आशीर्वाद यात्रा सांसद दुष्यंत सिंह की ये इस 'आशीर्वाद यात्रा' को चारों विधानसभा क्षेत्रों में जाएगी और करीब 90 दिन की ये यात्रा होगी.इसके पहले चरण में ये 3 दिन की पदयात्रा शुरू की. पदयात्रा के दौरान इस चरण में सांसद दुष्यंत सिंह आमजन से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे. आशीर्वाद यात्रा के क्या है सियासी मायने ? झालावाड़ में राजे परिवार की पकड़ और सक्रियता अब भी बरकरार है और इसकी बानगी इस पदयात्रा में दिखाई दे रही है. जमीनी स्तर पर राजे परिवार का प्रभाव अब भी कायम है. दुष्यंत सिंह के साथ मैडम वसुंधरा राजे का सार्वजनिक तौर पर मंच साझा करना भी राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है. सियासी पंडितो की माने तो इस आशीर्वाद यात्रा का एक मकसद आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर की राजनीति के लिए जमीन तैयार करना भी है. पंचायत संवाद और युवाओं को जोड़ने की बात करके दुष्यंत सिंह भविष्य की राजनीति को मजबूत बनाए रखने की कवायद कर रहे हैं. हालांकि राजनीतिक जानकार इसे राजनीति में वसुंधरा राजे की भूमिका सीमित होने के बाद जमीन स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कवायद भी मान रहे हैं और इस यात्रा के जरिये ये संदेश देने की कोशिश है कि जनता के बीच उनका जादू आज भी कायम है. वहीं, इसके साथ ही वसुंधरा राजे ने भी दुष्यंत सिंह की आशीर्वाद यात्रा को केवल राजनीतिक कार्यक्रम मानने से इनकार किया. राजे ने कहा कि ये यात्रा क्षेत्र के विकास और जनता के विश्वास की यात्रा है. यह पद यात्रा वोट मांगने की नहीं, बल्कि रिश्ते निभाने की यात्रा है. आमजन का विश्वास ही असली पूंजी- दुष्यंत सिंह सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा कि पदयात्रा से पंचायत से पंचायत तक जुड़ने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि बड़ों का आशीर्वाद और आमजन का विश्वास ही इस यात्रा की असली पूंजी है. युवाओं को पार्टी से जोड़ते हुए सभी 36 कौमों को साथ लेकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे.