लोकतंत्र का मुखौटा पहन राजनीति कर रही बीजेपी ने विधायकों को दिया 25-25 करोड का ऑफर- सीएम गहलोत

कोरोना के नाम पर पहले राज्यसभा चुनाव postponed करने का क्या तुक था ? क्योंकि आप गुजरात और राजस्थान में खरीद-फरोख्त पूरी नहीं कर पाए थे इसलिए गेम प्ले किया और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा दीं, इलेक्शन कमीशन पर दबाव देकर चुनाव आगे करवा दिए, कोरोना अभी भी चल रहा है, ऐसे में अब चुनाव कराने का क्या तुक है?- सीएम गहलोत

सीएम गहलोत
सीएम गहलोत

पॉलिटॉक्स न्यूज़/राजस्थान. प्रदेश की तीन सीटों के लिए आगामी 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए घमासान तेज हो गया है. इसी बीच विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान के विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है. इसमें 10 करोड़ रुपए एडवांस और 15 करोड़ रूपये बाद में देने के ऑफर दिए जा रहे है. हॉर्स ट्रेडिंग के उद्देश्य से एक बड़ी राशि जयपुर में पहुंचाई गई है, समय रहते इसकी हमें सूचना मिल गई थी. जिससे समय रहते हमारे विधायक सचेत हो गए.

कांग्रेस व निर्दलिय विधायकों को लालच देकर खरीद फरोख्त की खबर के बाद सीएम गहलोत ने बुधवार शाम अपने निवास पर होने वाली कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों की बैठक के स्थान में अचानक बदलाव करते हुए दिल्ली रोड स्थित एक होटल में कर दिया. इसके बाद विधायकों को सीएम आवास से 2 लग्जरी बसों और कारों द्वारा दिल्ली रोड स्थित शिव विलास होटल ले जाया गया. सीएम गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित हुई कांग्रेस व निर्दलिय विधायकों की इस बैठक में करीब 115 विधायक शामिल हुए. इस दौरान सीएम गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट और कांग्रेस के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विधायकों से खुलकर बात की और एकजुटता का पाठ पठाया.

बुधवार देर रात तक चली इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. सीएम गहलोत ने कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग करके कब तक राजनीति करोगे, देश में बहुत खतरनाक खेल चल रहा है. ऐसे लोगों को नेस्तनाबूत करना चाहिए और झटका देना चाहिए. देश की जनता सब समझ रही है और कोई आश्चर्य नहीं है आने वाले समय में जनता इन्हे खुद झटका दे देगी. इन्हे किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए.

राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मोदी जी की कृपा से यह चुनाव दो महीने पहले हो जाता, सिर्फ दो दिन बचे थे लेकिन इसे आगे खिसकाया गया. इसका क्या तुक था ? क्योंकि आप गुजरात और राजस्थान में खरीद-फरोख्त पूरी नहीं कर पाए थे इसलिए गेम प्ले किया और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा दीं. इलेक्शन कमीशन पर दबाव देकर चुनाव आगे करवा दिए उस समय मैंने इसकी आलोचना की थी. अब वापस चुनाव हो रहे हैं वही कोरोना चल रहा है. उस समय चुनाव आगे करवाने का क्या तुक था इसका कोई जवाब इनके पास, नहीं है.

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सवाल: सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी जी ने एसीबी में शिकायत की है इसको लेकर के कि जिस तरह का खेल चल रहा है लोकतान्त्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश चल रही है, आपको लगता है जांच एजेंसियों को भी इस मामले में…

जवाब में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि जो ख़बरें आ रही हैं कैश बड़े रूप में पहुँच चुका है जयपुर, ख़बरें आती हैं सोशल मीडिया में आती हैं, और जिस प्रकार से ख़बरें आ रही थी कि ये टोटली खेल खेलेंगे मध्यप्रदेश के बाद में हालांकि मध्यप्रदेश के जो 22 एमएलए गए हैं उनकी बहुत दुर्गति हो रही है वो घुस नहीं पा रहे क्षेत्र के अंदर लोग कह रहे हैं कि तुम तो 25 करोड़ में बिके हुए लोग हो किस मुंह से आए हो वापस 5 साल के लिए भेजा हमने आपको अब आ गए हो जल्दी क्यूँ आए भाई और बीजेपी वाले टिकट नहीं दे पा रहे उनको क्योंकि वहां बीजेपी का खुद का कैडर है वो कहते हैं हम कहाँ जाएंगे, चुनाव नहीं हो रहे वहां पर, केबिनेट नहीं बन पा रहा मध्यप्रदेश में तो यही खेल यहाँ खेला जा रहा था. लेकिन हमारे विधायक बहुत समझदार हैं, वो समझ गए, खूब उनको लालच देने की कोशिश की गयी, मुझे गर्व इस बात का छह बीएसपी के विधायक आए हमारे साथ में, 13 विधायक आए निर्दलीय हिन्दुस्तान के इतिहास में पहला राज्य राजस्थान है जहां एक रूपये का सौदा नहीं हुआ कोई पद का लालच नहीं न पैसे का लालच ये कहीं नहीं मिलेगा आपको ये राजस्थान की धरती पर होता है. इस बात का मुझे गर्व है कि मैं इस राजस्थान की धरती पर मुख्यमंत्री हूँ, जिस धरती के लाल ऐसे हैं जो बिना सौदे के और बिना लोभ-लालच के सरकार का साथ देते हैं. सरकार स्टेबल रहनी चाहिए राजस्थान के अंदर ये सोच करके…पिछली बार मैं मुख्यमंत्री बना तब छह विधायक आए थे बीएसपी के, इस बार भी छह विधायक साथ आए.

सवाल: इसलिए टारगेट बनाया जा रहा है क्योंकि आप केंद्र की जो कमियां हैं उनको निकाल रहे हैं?

सवाल के जवाब में सीएम गहलोत ने कहा कि कमियां निकालना हमरा फर्ज है, कमियों को लेकर मोदी सरकार को चाहिए इन्हे अच्छे सेंस में लें, अन्यथा नहीं लें, क्योंकि हमारी पार्टी कह चुकी है कि कोरोना के इस समय में हम आपके साथ हैं. जब हम सुझाव देते हैं उसे वो आलोचना मानते हैं और वापस अटैक करते हैं. देश में हम विपक्ष में हैं जनता उम्मीद करती है कि आप विपक्ष की भूमिका निभाओ और निभाते हैं तो इनको लगता है हमारे खिलाफ बोलते हैं. हम खिलाफ नहीं बोलते हैं, सुझाव हमारे हैं मानो नहीं मानों आपकी मर्जी है.

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सवाल: सर ये कर्नाटक हो या मध्यप्रदेश हो आपको नहीं लगता जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन की जरूरत आन पड़ी है ताकि ये खेल न हो

जवाब में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पहले भी एंटी डिफेक्शन बिल आए अमेंड हुए उसके बाद भी कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं. अब बताइये करोड़ों-अरबों रूपये भेजे जा रहे हैं. सुन रहे हैं कैश ट्रांसफर हो रहे हैं जयपुर में, कौन भेज रहा है? एडवांस देने की बातें हो रही हैं. 10 करोड़ एडवांस ले लीजिये, बाद में 10 और देंगे, फिर 5 और देंगे, ये क्या हो रहा है? और खुला गेम हो रहा है. इसलिए आज महेश जोशी जी ने ठीक किया रिपोर्ट दर्ज करवाई है कम से कम अंकुश लगेगा. पकड़ में आएगा तो उनको अंदर रखना पड़ेगा.

सवाल: गुजरात में नया ट्रेंड शुरू किया इस्तीफा दिलवा रहे हैं एमएलएस से

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि ये पहले भी करते आए हैं, इसलिए मैं बार-बार कहता हूँ इनका कोई यकीन नहीं हैं लोकतंत्र में, लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर राजनीति कर रहे हैं, फासिस्ट लोग हैं.

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