पॉलिटॉक्स न्यूज़/राजस्थान. गहलोत सरकार में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह इन दिनों खूब सुर्खियों में है. कभी पीएम मोदी सहित अन्य बीजेपी नेताओं की तारीफ को लेकर तो कभी क्षेत्र की समस्याओं पर अपनी सरकार का ध्यानाकर्षण के कारण विश्वेन्द्र सिंह का नाम खबरों में बना हुआ है. फिलहाल पिछले दो दिन से मंत्री विश्वेन्द्र सिंह अपनी ही सरकार में चिकित्सा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग पर जमकर निशाना साधने को लेकर चर्चा में हैं. विश्वव्यापी कोरोना कहर के चलते जनता के स्वास्थ को लेकर महाराज विश्वेंद्र सिंह पिछले 15 से ज्यादा दिनों से अपने निर्वाचन क्षेत्र डीग कुम्हेर के साथ साथ पूरे भरतपुर जिले में बेहद सक्रिय है. ऐसे में मंत्री सुभाष गर्ग के शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र भरतपुर पहुंचने पर मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सुभाष गर्ग पर करारा तंज कसा. वहीं शनिवार को भरतपुर के जनाना अस्पताल के कॉरिडोर में प्रसव के दौरान हुई बच्चे की मौत पर भी मंत्री सुभाष गर्ग को आडे हाथ लिया.
चिकित्सा राज्यमंत्री एवं भरतपुर विधायक सुभाष गर्ग शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र भरतपुर पहुंचे. इस दौरान गर्ग ने जिले के उच्चाधिकारियों से साथ बैठक कर जिले के हालातों की समीक्षा की. इस पर मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा भरतपुर शहर के स्थानीय विधायक एवं राज्यमंत्री
सुभाष गर्ग आखिरकार यहां की स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे हैं, मुझे आशा है कि उनकी बैठकें केवल फोटोबाजी के अवसर से ऊपर हो रही होंगी, मैं पिछले 15 दिनों से अकेले ही संकट से जूझ रहा हूं.
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वहीं शनिवार को भी महाराज विश्वेंद्र सिंह एक बार फिर से मंत्री सुभाष गर्ग को घेरते नजर आये. दरअसल, भरतपुर के जनाना अस्पताल में एक गर्भवती मुस्लिम महिला को डॉक्टर ने इलाज के लिए मना कर दिया.
डॉक्टर ने कहा कि आप मुस्लिम हैं और अपना इलाज जयपुर जाकर करवायें. इस दौरान अस्पताल के कॉरिडोर में ही उक्त महिला का प्रसव हो गया ओर जन्मे बच्चे की मौत हो गई. इस घटना पर नाराज मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने चिकित्सा राज्यमंत्री सुभाष गर्ग को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक घटना है, इस तरह के मामलों पर हमारी सरकार बेहद संवेदनशील है, लेकिन
ताज्जुब की बात यह है की भरतपुर के स्थानीय विधायक जो कि चिकित्सा राज्यमंत्री भी हैं और भरतपुर शहर के अस्पताल की यह स्थिति है.
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जनाना अस्पताल में डॉक्टर द्वारा मुस्लिम महिला का इलाज नहीं करने की जानकारी देने के बाद मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने एक ओर टवीट किया. मंत्री ने टवीट कर कहा कि निश्चित रूप से पूरे देश के लिए जमात से आए लोगों से खतरा है. इसका मतलब यह नहीं है कि मुस्लिम लोगों के साथ इस तरह से व्यवहार किया जाए जैसे भरतपुर के जनाना अस्पताल में एक गर्भवती महिला के साथ किया गया. स्थानीय विधायक चिकित्सा राज्य मंत्री भी हैं.
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इससे पहले मंत्री विश्वेंद्र सिंह शनिवार सुबह लॉकडाउन के हालातों का जायजा लेने मेवात इलाके में पहुंचे. इस दौरान मंत्री मेवात के नौनेरा गांव से सटे हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर पहुंचे. वहां राज्य की सीमाओं को सील करने के आदेशों के बावजूद मंत्री को बॉर्डर पर कोई भी पुलिस कर्मी या अन्य स्टाफ बॉर्डर पर नहीं मिला. इस पर मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कैसा बार्डर सील है ? यहां से कोई भी बीमारी लेकर आ रहा जा रहा है ओर कोई चेकिंग नहीं हो रही है जबकि ठीक सामने ही थाना मौजूद है.
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बता दें, हाल ही में मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सीएम अशोक गहलोत से पानी व बिजली के बिलों पर छूट दिये जाने की भी मांग की थी. मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने ट्वीट कर लिखा था कोविड 19 के इस संकटपूर्ण समय में, मैं माननीय मुख्यमंत्री महोदय अशोक गहलोत जी से आम आदमी और किसानों के बिजली और पानी के बिलों में छूट दिए जाने की गुजारिश करता हूं. मेरा मानना है कि इस मुश्किल समय में लोगों और किसानों की हर संभव मदद की जानी चाहिए.
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