सेवा तीर्थ कैम्पस में शुरू होगा PMO, प्रधानमंत्री आवास भी इसी कैम्पस में शिफ्ट होगा

pm
12 Jan 2026
आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय का पता बदल रहा है. मकर संक्रांति के मौके पर PMO साउथ ब्लॉक रायसीना हिल्स से नए सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट होगा, जो सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है. नई व्यवस्था में PMO सेवा तीर्थ-1 भवन में काम करेगा, जबकि कैबिनेट सचिवालय सेवा तीर्थ-2 और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय सेवा तीर्थ-3 भवन में होगा. साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को खाली कर वहां 'युगे युगीन भारत नेशनल म्यूजियम' बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासन को आधुनिक बनाने और भारतीय मूल्यों के अनुसार काम करने की दिशा में एक अहम कदम है. प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को एक साथ नए सेवा तीर्थ परिसर में जगह दी गई है. यह परिसर विजय चौक के पास रायसीना हिल के नीचे बनाया गया है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी इसी इलाके में चल रहा है, प्रधानमंत्री आवास भी यहां शिफ्ट किया जाएगा. साल 1984 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने 7 रेस कोर्स रोड को स्थायी निवास के तौर पर अपनाया. राजीव गांधी के बाद प्रधानमंत्री बने वी.पी. सिंह ने 1990 में 7 रेस कोर्स रोड को औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास घोषित किया. इसके बाद से यह जगह प्रधानमंत्री आवास के तौर पर स्थायी बन गई. आगे चलकर अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और अब नरेंद्र मोदी इसी परिसर में रह रहे हैं 7 लोक कल्याण मार्ग सिर्फ एक बंगला नहीं, बल्कि पूरा परिसर है. इसमें 1, 3, 5, 7 और 9 नंबर के पांच बंगले शामिल हैं. 5 लोक कल्याण मार्ग प्रधानमंत्री का निजी आवासीय क्षेत्र है, जबकि 7 नंबर बंगला उनका कार्यालय है. 9 नंबर बंगले में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एसपीजी के जवान रहते हैं. 3 नंबर बंगला प्रधानमंत्री के मेहमानों के लिए गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल होता है. 1 नंबर बंगले में हेलीपैड है, जिसका उपयोग 2003 से किया जा रहा है. इस परिसर के बंगले 1920 और 1930 के दशक में तैयार नई दिल्ली की योजना का हिस्सा हैं. इन्हें ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की टीम में शामिल रॉबर्ट टोर रसेल ने डिजाइन किया था. करीब 12 एकड़ में फैला यह परिसर भव्यता के लिए नहीं बल्कि सादगी के लिए जाना जाता है. घर में दो बेडरूम, एक अतिरिक्त कमरा, डाइनिंग एरिया और एक बड़ा लिविंग रूम है. भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तीन मूर्ति भवन में रहते थे. यह भवन ब्रिटिश काल में सेना के कमांडर-इन-चीफ का निवास हुआ करता था. 1964 में नेहरू के निधन के बाद और 1984 में इस भवन को नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय में बदल दिया गया. दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का आधिकारिक निवास 10 जनपथ था. वे 1964 से 1966 तक वहीं रहे. बाद में यह भवन कांग्रेस पार्टी को दे दिया गया. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सफदरजंग रोड स्थित एक बंगले में रहती थीं. सेवा तीर्थ परिसर का काम पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय और आवास दोनों एक ही जगह शिफ्ट होंगे. इससे सुरक्षा, कामकाज और प्रशासनिक समन्वय आसान होगा. साथ ही, यह बदलाव आजाद भारत के सत्ता केंद्र के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा.