



साध्वी प्रेम बाईसा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए कई साधु-संत और हजारों अनुयायी, 'शिव शक्ति धाम' आश्रम में दी गई समाधी, पिता ने कहा- किसी भी जांच के लिए तैयार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एक्सपर्ट ओपिनियन लेने की तैयारी में पुलिस, परिवार और आश्रम के लोगों के भी ले सकती है बयान
जयपुर/जोधपुर । प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. इस घटना से प्रदेशभर में उनके भक्तों में भी आक्रोश है. विधानसभा के बजट सत्र में भी साध्वी की मौत की जांच की मांग उठी. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई. इस पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही सच सामने आ जाएगा कि आखिर साध्वी की मौत की असली वजह क्या थी.
पत्रकारों से बातचीत में बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा ने लोगों को सनातन धर्म से जोड़ने का काम किया. अब उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं. लोगों के मन में जो भी शंका है, उसका समाधान होना चाहिए और इसके लिए उच्च स्तरीय जांच जरूरी है. संदिग्ध हालात में हुई मौत को लेकर साधु-संतों और परिजनों ने सवाल उठाए हैं
'शिव शक्ति धाम' आश्रम में दी समाधि
उधर, कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ में धार्मिक विधि से अंतिम संस्कार किया गया. प्रेम बाईसा के अंतिम संस्कार के मौके पर कई साधु-संत और उनके हजारों अनुयायी शामिल हुए. उनकी पार्थिव देह को उनके द्वारा ही स्थापित 'शिव शक्ति धाम' आश्रम में समाधि दी गई. इस दौरान माहौल गमगीन रहा. अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए विभिन्न अखाड़ों और मठों से बड़े धर्मगुरु पहुंचे. मेवाड़ महामंडलेश्वर ईश्वरीय नंदगिरी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, प्रेम बाईसा केवल एक पिता की संतान नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म की बेटी थी. उन्होंने बचपन से ही धर्म के वस्त्र धारण कर सनातन का प्रचार किया.
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साध्वी प्रेम बाईसा के पिता का बयान
साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत को लेकर अब उनके पिता और गुरु वीरमनाथ लगातार मीडिया में बयान दे रहे हैं कि DEXONA इंजेक्शन देने के बाद प्रेम बाईसा की निढाल हो गई थीं और वो कोई भी जांच कराने को तैयार है. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि केवल DEXONA इंजेक्शन से ऐसी हालत होने की कोई संभावना नहीं है. सूत्रों के मुताबिक साध्वी प्रेम बाईसा के शरीर पर किसी तरह की चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. शरीर में जहर नहीं पाया गया है. डॉक्टर्स ने विसरा प्रिजर्व कर लिया है. साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले पुलिस अब मेडिकल एक्सपर्ट्स की ओपिनियन लेने की तैयारी कर रही है ताकि साध्वी की मौत की गुत्थी सुलझ सके. पुलिस साध्वी प्रेम बाईसा के पिता और गुरु वीरमनाथ के साथ ही परिवार के सदस्यों आश्रम में रहने वाले दूसरे लोगों का बयान दर्ज कर सकती है.
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्ट ने साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य गहरा गया है. साध्वी प्रेम बाईसा ने पोस्ट में अग्नि परीक्षा और न्याय मिलने की बात लिखी है. आखिर साध्वी प्रेम बाईसा ने सोशल मीडिया पोस्ट में आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत-महात्माओं को पत्र क्यों लिखा ? और साध्वी प्रेम बाईसा किस बात की अग्नि परीक्षा देने का जिक्र किया है.
साध्वी प्रेम बाईसा ने पोस्ट में ये लिखा था
साध्वी प्रेम बाईसा ने मौत के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आया. पोस्ट में लिखा गया है कि '' पूज्य सभी संतों को प्रणाम. मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है. आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है. मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा. मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा.''
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर (सुसाइड नोट) पोस्ट से कई सवाल खड़े हुए हैं. उन्हें मृत हालत में अस्पताल ले जाये जाने की बात सामने आई है. जानकारी के मुताबिक साध्वी प्रेम बाईसा के पिता और एक अन्य व्यक्ति उन्हें लेकर जोधपुर के पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. डॉक्टर ने उन्हें मृत हालत में अस्पताल लाने की बात कही थी. साध्वी प्रेम बाईसा के पिता के मुताबिक प्रेम बाईसा को एक दिन पहले सुबह बुखार था. आश्रम में एक मेडिकल स्टाफ को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई. लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए पोस्ट के बाद ये बात लोगों के गले नहीं उतर रही है.


