हरियाणा में रिश्तों पर भारी सियासत! कहीं भाई-भाई तो कहीं दादा-पोती में ‘फैमिली फाइट’
एक कहावत है – सियासत में न कोई अपना होता है न ही कोई पराया. यहां सगा भाई भी सगा नहीं है. राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में रिश्तों को महत्व नहीं दिया जाता. वक्त और सियासी हालातों को देखकर चोट भी की जाती है और फैसला भी लिया जाता है. हरियाणा विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसा ही वक्त-ए-हाल देखने को मिल रहा है. यहां की आधा दर्जन से ज्यादा सीटों पर चुनावी फाइट फैमेली में ही लड़ी जा रही है. कहीं भाई-भाई आमने सामने है तो कहीं दादा-पोती के बीच खिताबी जंग है तो कहीं ससुर बनाम बहू और चाचा बनाम भतीजा एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. इन ‘फैमिली … Read more