कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का ‘सीक्रेट फॉर्मूला’ बनेगा डूबती नाव की पतवार!
पहले हरियाणा, मध्यप्रदेश और अब महाराष्ट्र, एक समान माहौल और एक जैसी कहानी. ढाक के तीन वाली वाला परिणाम. कांग्रेस के लिए दोनों जगह एक कहानी है जो लगता है कि दोहरायी जा रही है. फिर चाहें नेताओं की आपसी गुटबाजी हो या फिर बागियों का उलटफेर, सभी जगह कांग्रेस ने मुंह की खाई है. स्थानीय नेताओं पर आंख मूंद कर विश्वास भी पार्टी के लिए विश्वासघात जैसा साबित हुआ है. ऐसे में कांग्रेस को अब हार का मंथन नहीं, आत्ममंथन करना चाहिए. बदलाव की आवश्यकता है. सिरे से बदलाव, एक ऐसा बदलाव जो अलग तरीके से सोच सके, एक नए नजरिये से नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को ढाल सके और … Read more