मुस्लिम महिलाओं ने पीएम मोदी को लिफाफे में भेजी दो राखी, भड़के मौलाना

भाई-बहन का पवित्र त्यौंहार आगामी 15 अगस्त को देश भर में धूम धाम से मनाने की तैयारी इन दिनों देश भर में चल रहीं हैं. इसी कड़ी में वाराणसी में इस बार राखी का त्यौंहार मुस्लिम महिलाओं के लिए डबल खुशी वाला रहेगा. पिछले लगभग 6 साल से अपने सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी भेज रहीं मुस्लिम महिलाओं ने इस बार अपने भाई मोदी के लिए विशेष राखी तैयार की है. मुस्लिम महिलाओं द्वारा वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिफाफे में दो राखी भेजी जा रहीं हैं, एक तीन तलाक मुक्त और दूसरी 370 मुक्त. हालांकि मुस्लिम महिलाओं द्वारा राखी भेजे जाने से उत्तरप्रदेश के कई मौलाना नाराज हो गए हैं. कुछ मुस्लिम मौलानाओं ने इस नेक काम को खूब सराहा है तो कुछ ने इसे ‘सस्ते प्रचार का तरीका’ बताया है.

तीन तलाक जैसी सामाजिक कुप्रथा और देश को तोडऩे वाली अनुच्छेद 370 खत्म होने से पूरा देश की अधिकांश मुस्लिम महिलाएं बहुत खुश हैं, इनकी इसी खुशी का प्रभाव रक्षाबंधन त्योहार पर भी पड़ा है. वाराणसी की मुस्लिम महिलाएं पिछले छः साल से अपने सांसद भाई को राखी भेज रहीं है लेकिन इस बार तीन तलाक और 370 से मुक्ति दिलाकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी इन मुस्लिम बहनों के दिल में एक अलग जगह बना ली है. चूंकि इस बार आजादी के दिन ही रक्षाबंधन उत्सव है, इसलिए तीन तलाक और 370 से आजादी वाली राखी का निर्माण किया गया ताकि सामाजिक कुप्रथा और राष्ट्रीय कलंक से आजादी का अहसास राखी बांधने वाले कर सकें.

राखी बनाने वाली मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि “जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा को खत्म करवाया है, यह नेक काम एक अच्छा भाई ही कर सकता है. अपने भाई के लिए हम बहनें अपने हाथों से राखी बनाकर भेज रही हैं।” अपने हाथों से बनाई राखीयों पर महिलाओं ने मोदी की फोटो भी लगाई है. प्रधानमंत्री मोदी के लिए राखी भेजने वाली इन महिलाओं का कहना है कि, “मोदीजी ने हमारी दयनीय हालत को खत्म किया है. इससे महिलाएं तीन तलाक जैसी कुप्रथा से बच सकती हैं. इसी कारण हम लोगों ने भाई बहन के इस पवित्र त्यौहार पर मोदी जी को राखी भेजी हैं.” राखी बनाने वाली समाजसेवी महिला हुमा का कहना है, “मोदी ने तीन तलाक जैसी कुरीति को खत्म करवाया है, नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद होने के साथ साथ देश की सभी मुस्लिम महिलाओं के बड़े भाई हैं. अपने भाई के लिए हम बहनों ने राखी तैयार की है.”

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार के फैसले पर बौखलाया पाकिस्तान, इमरान खान ने दी जंग की धमकी

महिलाओं ने मोदी पर यकीन जताते हुए कहा कि जैसा अभी तक देश मे अच्छा काम हुआ है, आगे भी ऐसे ही होता रहेगा. तीन तलाक को लेकर खौफ के सवाल पर मुस्लिम महिलाओं ने कहा, “हमारे मन से तीन तलाक का खौफ अब खत्म हो गया है. आने वाले समय में सारा डर भी खत्म हो जाएगा. बुरे वक्त में मोदी जी ने हमारा साथ दिया है, इससे बड़ा काम हम मुस्लिम महिलाओं के लिए और क्या हो सकता है।”

राखी बनाने वाली समाजसेवी हुमा बानो ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर वहां भी बहुत सारे बंधनों से लोगों को मुक्त कराया है. मैं देशभर के लोगो को यह संदेश देना चाहती हूं कि राखी एक पवित्र रिश्ता है. इस बंधन को निभाना है, चाहे वह कश्मीर की बेटी हो या कहीं और की. प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी रक्षा के लिए इतना कुछ किया है, हम मुस्लिम बहनें भी उनकी और देश की रक्षा के लिए जो हो सकेगा, करेंगी।”

तीन तलाक बिल हो या 370, समाज में जब भी चर्चा हुई, कोई न कोई विवाद जरूर सामने आया. एक पक्ष हमेशा ही इसका समर्थन करता रहा तो दूसरा पक्ष इसे लेकर अपना विरोध दर्ज कराता रहा है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष मतीन खान ने मुस्लिम महिलाओं द्वारा मोदी को राखी भेजने पर कहा कि, “आरएसएस का अनुषांगिक संगठन मुस्लिम मंच इस तरह की हरकतें करवा रहा है. वे नकाब और टोपी पहनकर इस तरह की हरकतें करते हैं, जिससे मुस्लिमों में आपस में बगावत हो. इसमें किराये पर लाए गए मुस्लिम भी होते हैं. ये बिकाऊ माल सत्ताधारी लोगों के दबाव में ऐसा काम कर रहे हैं.”

खान ने आगे कहा कि कुछ लोग प्रधानमंत्री को खत भेजेंगे, फिर उसका प्रचार करेंगे. इस तरह की हरकत ये सिर्फ सत्ता के प्रचार के लिए करते हैं. उनमें से राखी भिजवाना भी एक कड़ी है.” दूसरी तरफ ऑल इंडिया महिला मुस्लिम लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने कहा, “राखी भेजने से किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए. तीन तलाक जैसी कुप्रथा के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है.” उन्होंने कहा, “सबका अपना-अपना नजारिया है, देश में सबको अपनी-अपनी आजादी जाहिर करने का हक है.”

बड़ी खबर: मध्यप्रदेश में भाजपा के सहयोग से ज्योतिरादित्य सिंधिया बन सकते हैं मुख्यमंत्री!

शाइस्ता अंबर ने आगे कहा कि “हमारे मुल्क में ये सब चीजें होनी जरूरी हैं, इससे हिंदू मुस्लिम एकता और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है. यह हमारी अभिन्न संस्कृति का एक हिस्सा है, यह एक अच्छा कदम है।” वहीं, शैखू आलम साबरिया चिश्चितिया मदरसा के मौलाना इस्तिफाक कादरी ने कहा कि हिंदुस्तान बहुत बड़ा देश है, तीन तलाक नहीं होना चाहिए. इसका लोग गलत इस्तेमाल कर रहे थे. लेकिन मोदी को राखी भेजने का तरीखा सिर्फ दिखावा है. यह राजनीती का एक हिस्सा है, ऐसा लोग सिर्फ अपने प्रचार के लिए करवाते हैं. मुस्लिम महिलाओं के सामने और भी बहुत सारे मसले हैं, हुकूमत को उन पर भी ध्यान देना चाहिए.

मुस्लिम महिलाओं द्वारा वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिफाफे में दो राखी भेजी जा रहीं हैं, एक तीन तलाक से मुक्ति के लिए और दूसरी 370 से मुक्ति के लिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेता इंद्रेश कुमार को तीन तलाक मुक्त राखी भेजी गई वहीं गृहमंत्री अमित शाह को 370 मुक्त और 35ए मुक्त राखी भेजकर अपना भाई होने पर गर्व किया. इसके अलावा कश्मीरियों के लिए मोदी राखी, लद्दाखियों के लिए इंद्रेश राखी, भारतीय सेना के जवानों के लिए सुभाष राखी और रामभक्तों के लिए श्रीराम राखी बनाई गई. प्रधानमंत्री मोदी के लिए अनुच्छेद 370 मुक्त और तीन तलाक मुक्त राखी मुस्लिम बहनों ने बड़े मनोयोग से बनाकर यह संदेश दिया कि हर तीज, त्यौहार, धर्म और रिश्ते से ऊपर है देश से रिश्ता है.

ये 370 के बाद का कश्मीर है…

शायद ही किसी ने सोचा होगा की 5 अगस्त, 2019 की तारीख जम्मू कश्मीर में एक नई सुबह लेकर आएगी. सावन के दूसरे सोमवार की भोर के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर को लेकर राज्यसभा में एक ऐसा एटॉम बम फोडा जिससे कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक की पूरी राजनीति हिल गयी. अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 और धारा 35ए हटाने के साथ कश्मीर के पुनर्गठन का प्रस्ताव सदन में रख दिया. शोर शराबा हुआ, वाद विवाद हुए, नौकझोंक भी हुई लेकिन जो भी हुआ, जम्मू कश्मीर धारा 370 की काली छाया से बाहर आ गया. हालांकि भारत सरकार के इस फैसले से अवगाववाद … Read more

कश्मीर में अभी फोन और नेट से पाबंदी हटाना ठीक नहीं

एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के मामले में जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया, वहीं राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि 15 अगस्त के बाद पाबंदियां कम होने की उम्मीद है. मंगलवार को उन्होंने राजभवन में पत्रकारों से मुलाकात की और कई पत्रकारों को इंटरव्यू दिए. जम्मू-कश्मीर में जारी पाबंदियों से जुड़े सवाल पर राज्यपाल ने कहा, फोन-इंटरनेट उपद्रवियों, दुश्मनों और पाकिस्तानियों का हथियार है. हम उनके हाथ में अपना गला काटने का हथियार नहीं पकड़ा सकते. कश्मीर को लेकर राहुल गांधी के बयानों पर उन्होंने कहा कि वायनाड के सांसद सीमापार से हो रहे प्रोपेगंडा के आधार पर बात कर रहे हैं. उन्हें जम्मू-कश्मीर का दौरा … Read more

जम्मू कश्मीर पर राज्यपाल मलिक का बयान, कहा – फोन और इंटरनेट दुश्मनों के लिए हथियार

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि फोन और इंटरनेट देश के दुश्मनों के लिए एक हथियार है जिसे हम अपना ही गला काटने के लिए उन्हें ये पकड़ा नहीं सकते. उन्होंने घाटी में इंटरनेट सुविधा बंद करने के सवाल पर ये बात कही. उन्होंने कहा है कि 15 अगस्त के बाद पाबंदियों में ढील देना शुरू करेंगे. कश्मीर से धीरे धीरे पाबंदिया हटेंगी. मलिक ने ये भी बताया कि जम्मू कश्मीर में चुनाव होने में एक साल लग सकता है. यह भी पढ़ें: राहुल गांधी की घाटी में घूमने की आजादी की मांग को राज्यपाल ने किया खारिज मलिक ने ये भी कहा कि विदेशी मीडिया … Read more

राहुल गांधी की घाटी में घूमने की आजादी की मांग को राज्यपाल ने किया खारिज

राहुल गांधी की विपक्ष के नेताओं को घाटी का दौरा करने की इजाजत वाली मांग को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने खारिज कर दिया है. जम्मू-कश्मीर राजभवन ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि विपक्षी पार्टी के नेताओं के दौरे से घाटी में समस्याएं और बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा. राहुल गांधी ने लिखा, हमें विमान की आवश्यकता नहीं है लेकिन यह सुनिश्चित करें कि हमें वहां के लोग, नेताओं और सैनिकों से मिलने दिया जाएगा। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कश्मीर में हिंसा की खबर होने संबंधी टिप्पणी के बारे … Read more

लद्दाख को अलग प्रदेश बनाना भारत का अंदरूनी मामला

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के सामने स्पष्ट रूप से कहा है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और राज्य को दो भागों में बांटने का फैसला भारत का घरेलू मामला है और इसका किसी सीमा विवाद या वास्तविक नियंत्रण रेखा से लेना देना नहीं है. देश की बाहरी सीमाएं वैसी ही हैं, जैसी पहले थीं. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बातचीत में वांग यी ने यह मुद्दा उठाया था. बातचीत के बाद भारत की तरफ से बयान जारी किया गया कि चीन को भारत-पाकिस्तान रिश्तों की वास्तविकता समझनी चाहिए. जयशंकर ने वांग यी से कहा कि भारत-चीन संबंधों का … Read more

पाक विदेश मंत्री ने 370 पर स्वीकारी हार, कश्मीरियों ने दिया करारा जवाब

जम्मूकश्मीर और लद्दाख को केन्द्र शासित प्रदेश बनाने और जम्मूकश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान जबरदस्त बौखलाया हुआ है और हर प्रकार से उसने अपनी खीज निकालनी चाही किन्तु कमोबेश हर मोर्चे पर उसे मात खानी पड़ी है. पाकिस्तान 370 के मुद्दे पर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने की कवायद में जुटा है लेकिन उसे कामयाबी मिलती नहीं दिख रही. अब यह बात पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार कर ली है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी ने माना है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को समर्थन मिलना मुश्किल है. उन्होंने कहा … Read more

अनुच्छेद 370 पर वायको का विवादित बयान, कहा – कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा

कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद विवादित बयानों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. इस बार विवादित बयान एमडीएमके चीफ की तरफ से आया है. मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम पार्टी के मुखिया और राज्यसभा सांसद वायको ने कहा कि जब भारत अपना 100वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा तो कश्मीर भारत के साथ नहीं होगा. उन्होंने यह बयान तिरुवन्नमलई जिले में पार्टी के एक समारोह में दिया. बता दें, वायको ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के कदम का संसद में विरोध किया था और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया था. हाल में चेन्नई की एक अदालत ने श्रीलंका के आतंकी संगठन लिट्टे के समर्थन … Read more

दिग्गी ने शिवराज को बताया नेहरू के पैरों की धूल

जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाए जाने के बाद नेताओं की छीटाकशी और जुबानी जंग तेज हो गयी है. हाल ही में मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘अपराधी’ करार दिया. अब उनके इस बयान पर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्गविजय सिंह और प्रदेश के वर्तमान सीएम कमलनाथ ने पलटवार किया. दोनों ने शिवराज पर निशाना साधा है. बता दें, शनिवार को ओडिशा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा, ‘जब भारतीय सेना कश्मीर में पाकिस्तानी कबायलियों को खदेड़ रही थी, तभी नेहरू ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया. इस वजह से … Read more

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव अगले साल गर्मियों तक ही हो पाएंगे

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव अब अगले साल गर्मियों तक ही होने के आसार हैं. इससे पहले उम्मीद थी कि महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा के साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी चुनाव होंगे, लेकिन केंद्र सरकार के धारा 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन करने के फैसले के बाद यह उम्मीद समाप्त हो गई है. इसका पहला संकेत यही है कि हाल ही भाजपा ने महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रभारी नियुक्त नहीं किया गया है. गौरतलब है कि 31 जुलाई को भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा की जम्मू-कश्मीर समन्वय समिति की बैठक हुई थी, जो तीन घंटे … Read more