महाराष्ट्र: शिवसेना ने कहा- अगर राष्ट्रपति शासन लगता है तो ये राज्य की जनता का अपमान

Maharashtra Political Crisis
8 Nov 2019
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान जारी है और विधानसभा का कार्यकाल शनिवार को खत्म हो रहा है, लेकिन अभी तक तय नहीं हो सका है कि आखिर सरकार कौन बनाएगा. बीजेपी जहां मुख्यमंत्री की कुर्सी शिवसेना के साथ शेयर नहीं करना चाहती वहीं शिवसेना किसी भी हाल में ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद लिए बिना बहुमत देने को राजी नहीं है. शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने शुक्रवार को फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा कि हम कोई भी समझौता नहीं करेंगे, जिसके पास बहुमत हो वो सरकार बना ले. बता दें, किसी भी तरह की खरीद फरोख्त से बचने के लिए शिवसेना ने अपने विधायकों को मुंबई के रंगशारदा होटल में रख दिया जहां देर रात आदित्य ठाकरे इन विधायकों से मिलने होटल पहुंचे. (Maharashtra Political Crisis) यह भी पढ़ें: पॉलिटॉक्स की खबर पर लगेगी मुहर या फिर लगेगा राष्ट्रपति शासन शुक्रवार सुबह शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपने ताजा बयान में कहा कि बीजेपी महाराष्ट्र के जनादेश का अपमान कर रही है, बीजेपी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती है. (Maharashtra Political Crisis) राउत ने कहा कि दिल्ली के सामने महाराष्ट्र कभी नहीं झुका है न कभी शरद पवार और ना ही कभी उद्धव ठाकरे झुके हैं. हमने हमेशा महाराष्ट्र के स्वाभिमान की बात कही है और हम कोई समझौता नहीं करेंगे. राउत ने यह भी कहा है कि राज्य में जिसके पास बहुमत हो वह सरकार बना ले. लेकिन अस्मिता की लड़ाई जारी रहेगी, अगर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा तो यह राज्य की जनता का अपमान होगा. इससे ओहले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने शुक्रवार को फिर एक ट्वीट करके बीजेपी पर तंज कसा और साथ ही अपने शिव सैनिकों को गीता का संदेश देते हुए राउत ने ट्वीट किया कि कोई दीनता नहीं चाहिए, चुनौतियों से भागना नहीं, बल्कि जूझना जरूरी है. आग्नेय परीक्षा की इस घड़ी में-आइए, अर्जुन की तरह उद्घोष करें : ‘‘न दैन्यं न पलायनम्।’’- अटल बिहारी वाजपेयी (गीता का संदेश- *न दैन्यं न पलायनम्* अर्थात कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं , बल्कि जूझना जरूरी है.