



Shiv Prakash Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको शिव प्रकाश की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Shiv Prakash Latest News - भारतीय राजनीति के कुशल रणनीतिकार और भारतीय जनता पार्टी के ‘राष्ट्रीय संघठन महामंत्री’ शिव प्रकाश, एक ऐसे व्यक्तित्व है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा और संघठन की मजबूती के लिए समर्पित कर दिया है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले शिव प्रकाश ने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)’ में प्रचारक के तौर पर आरंभ की थी. वर्ष 2014 के ऐतिहासिक लोकसभा चुनाव के समय, उन्हें उनके संगठनात्मक कौशल को देखते हुए भाजपा में स्थानांतरित कर दिया गया, और तब से लेकर आज तक, वे भाजपा को लोगो के बीच जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे है. प्रकाश को 'बूथ लेवल मैनेजमेंट' का मास्टरमाइंड माना जाता है. वे सत्ता की चकाचौंध और प्रचार की सुर्खियों से दूर, परदे के पीछे रहकर जीत की पटकथा लिखने वाले 'मौन शिल्पी' है. विगत कुछ वर्षो में यदि पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भाजपा की स्थिति अभेद्य हुई है, तो उसके पीछे के असली नायक शिव प्रकाश है. कार्यकर्ताओ के साथ सीधा संवाद और धरातल की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ ने, उन्हें भाजपा जैसे देश की सबसे बड़ी पार्टी का विश्वसनीय नायक बना दिया है. इस लेख में हम आपको शिव प्रकाश की जीवनी (Shiv Prakash Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
शिव प्रकाश का जन्म 1 अगस्त 1967 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के एक छोटे से गाँव बिरुबाला में हुआ था. उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय से एम.ए. तक की पढ़ाई की है. शिव प्रकाश हिन्दू है.
सामान्य किसान परिवार से आने वाले शिव प्रकाश का शुरूआती जीवन गांव-देहात में बीता. उनके जीवन पर अपने अविवाहित चाचा का गहरा छाप पड़ा और उन्ही के आदर्श पर चलते हुए उन्होंने आगे का करियर तय किया. घर की जिम्मेदारियों के लिए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जाना अधिक उचित समझा. इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1985 में संघ द्वारा चलाये जा रहे, करनपुर स्थित विद्यालय ‘सरस्वती शिशु मंदिर’ में शिक्षक (आचार्य) की नौकरी पकड़ ली. चूँकि यह विद्यालय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का ही था इसलिए वे इसी माध्यम से संघ के संपर्क में आ गए और धीरे धीरे वे संघ की विचारधारे से प्रभावित होते चले गए. फिर क्या, यही से उनके जीवन की दिशा बदल गई और उन्होंने आजीवन मातृभूमि की सेवा करने का संकल्प ले लिया.
शिव प्रकाश भारतीय जनता पार्टी के संयुक्त महासचिव (संगठन) है. भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले वे आरएसएस में प्रचारक के तौर पर काम कर रहे थे. शिव प्रकाश ने 1986 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला स्तरीय समन्वयक के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया. जबकि वर्ष 2008 में, संघ ने उनके लगन को देखते हुए उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जिम्मेदारी सौंपी.
देश में 2014 में लोकसभा का चुनाव था और दस वर्ष तक लगातार यूपीए शासन में था. इससे देश की जनता ऊब चुकी थी और इसी कारण देश में बदलाव की मांग तेज हो गई थी. ठीक इसी वर्ष राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने शिव प्रकाश को भाजपा में संयुक्त महासचिव के रूप में कार्यभार संभालने के लिए स्थानांतरित कर दिया. 2014 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में पार्टी की जीत की देखरेख करने के तुरंत बाद शिव प्रकाश ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व नेता अरविंद मेनन के साथ मिलकर पूर्वी राज्यों में भाजपा की नींव रखने के लिए पर्दे के पीछे काम करना शुरू कर किया. 2015 में, वे पश्चिम बंगाल आए, जहाँ उन्होंने बूथ स्तर पर काम किया, बंगाली भाषा सीखी और 78,000 बूथों पर पार्टी समितियाँ बनाईं. इसका परिणाम यह हुआ कि भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य में अप्रत्याशित जीत हासिल की. इस समय शिव प्रकाश मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल राज्यों में पार्टी से संबंधित विकास कार्यों की देखरेख में लगे है. बताया जाता है कि महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा की जीत के पीछे इन्ही के बूथ लेवल मैनेजमेंट था, जिसका परिणाम यह हुआ कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई.
जुलाई 2023 तक, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के नवीनतम पुनर्गठन में, शिव प्रकाश को एक बार फिर राष्ट्रीय सह संघठन महामंत्री के रूप में उनकी भूमिका आगे के लिए बढ़ा दी गई. राष्ट्रीय सह संघठन महामंत्री की भूमिका आम तौर पर आरएसएस से जुड़े सदस्यों के लिए निर्धारित की जाती है. इस पद पर आसीन व्यक्तियों की जिम्मेदारियों में राज्य स्तरीय पार्टी मामलों का प्रबंधन, संगठनात्मक मामलों की देखरेख और भाजपा तथा आरएसएस, जो इसका वैचारिक जनक है, के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र के रूप में कार्य करना शामिल है.
शिव प्रकाश को बूथ लेवल मैनेजमेंट में महारत हासिल है. चुनाव से पहले वे क्षेत्र के सभी बूथों को कई श्रेणियों में विभक्त करते है. जैसे महाराष्ट्र में हुए विगत विधानसभा चुनाव में उन्होंने राज्य के सभी बूथों को चार कैटेगरी A, B, C और D में विभक्त किया. फिर प्रभावशाली व्यक्ति जो पार्टी से नाराज चल थे, उनसे सीधे संपर्क किया और उन्हें पार्टी के पक्ष में किया. बूथ लेवल कार्यकर्ताओ से सीधे मिलकर उनकी बातों को सुना और आवश्यक पड़ने पर उनकी बातों को नरेंद्र मोदी, अमित शाह जैसे शीर्ष नेताओ को बताया. इस तरह के मैनेजमेंट का परिणाम यह हुआ कि जिस सीट पर पार्टी की जीत लगभग असंभव बताई जा रही थी, वहां भी पार्टी की जीत हुई.
इस लेख में हमने आपको शिव प्रकाश की जीवनी (Shiv Prakash Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.


