Politalks.News/Bihar. बिहार में 17वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरु हो रहा है. प्रदेश में जदयू और बीजेपी की एनडीए सरकार बनी है और नीतीश कुमार बने हैं मुख्यमंत्री. आज विधानसभा में जीतनराम मांझी बतौर प्रोटेम स्पीकर सभी नए सदस्यों को विधायक पद की शपथ दिलाएंगे. उससे पहले जदयू ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए बताया है कि तेजस्वी विधानसभा में कैसे और किसकी शपथ लेंगे. जदयू नेता नीरज कुमार ने ट्वीट के जरिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के भ्रष्टाचार के मामले, जंगलराज समेत अन्य मसलों को लेकर निशाना साधा है.
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने ट्वीट कर तेजस्वी यादव के शपथ लेने के तीन तरीकों के बारे में बताया है. नीरज कुमार ने कहा है कि तेजस्वी यादव विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायक के तौर पर कुछ इस तरीके से शपथ लेंगे. ट्वीट में इन 3 तरीकों के बारे में लिखा- 'मैं तेजस्वी यादव शपथ लेता हूं कि मेरे पिता कैदी नंबर 3351 लालू प्रसाद यादव ने गरीब, मजलूम और दलित, पिछड़े, सवर्ण और अल्पसंख्यकों के संपत्तियों को हड़पने का जो हथकंडा विरासत में सौंपा है. उसे अक्षरश: पालन करने का शपथ और प्रतिज्ञान लेता हूं.'
https://twitter.com/neerajkumarmlc/status/1330710403161141254?s=20
नीरज कुमार ने दूसरा तरीका बताते हुए कहा, 'मैं तेजस्वी यादव 208, कॉटिल्या नगर एमपी - एमएलए कॉलोनी, पटना पिता लालू प्रसाद कैदी नंबर दी 3351 अस्थाई पता होटवार जेल, रांची शपथ लेता हूं कि अपने पिता के पद चिन्हों का पालन कर भ्रष्टाचार के कुकर्म तथा संपत्ति संग्रहण में यथावत लिप्त रहूंगा.'
https://twitter.com/neerajkumarmlc/status/1330710637106909185?s=20
जदयू नेता ने तीसरा तरीका बताते हुए कहा, 'मैं तेजस्वी यादव नरसंहार के राजनीतिक व्यापारी का पुत्र शपथ लेता हूं कि ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन को इस बात से अवगत करता रहूंगा कि युवाओं के हाथ बंदूक थमा कर किस तरह मेरे पिता कैदी नंबर 3351 ने फिरौती के लिए अपहरण उद्योग के रूप में रोजगार सृजन किया था.'
https://twitter.com/neerajkumarmlc/status/1330710751275855872?s=20
बता दें, बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद सोमवार से विधानसभा का पहला सत्र शुरू होने जा रहा है. कोरोना के खतरे को देखते हुए पांच दिवसीय बिहार विधानमंडल का सत्र बदला-बदला सा नजर आएगा. कोरोना संक्रमण के चलते विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही अपने-अपने सदन में नहीं होगी. विधान परिषद की कार्यवाही विधानसभा वाले हॉल में की जाएगी जबकि विधानसभा की कार्यवाही विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित होगी. इसको लेकर विधानसभा और विधान परिषद से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है.
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इस बार की विधानसभा में 90 सदस्य पहली बार नजर आएंगे जबकि पिछली सत्र तक दिखने वाले करीब डेढ़ सौ विधायक चुनाव हार जाने के चलते सदन में नहीं नजर आएंगे. हालांकि, 16वीं विधानसभा के 89 विधायक ऐसे हैं, जो इस बार भी यानी 17वीं विधानसभा के लिए चुने गए हैं. वो सत्र में जरूर दिखेंगे. बता दें, बिहार विधानसभा में राजद सबसे बड़ी पार्टी और बीजेपी दूसरे नंबर की पार्टी है. जदयू तीसरे और कांग्रेस चौथे नंबर की पार्टी है.
हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के चार, वीआईपी 4 और एक निर्दलीय सदस्य सत्तापक्ष के साथ दिखेंगे जबकि विपक्षी खेमे में राजद 75, कांग्रेस 19, सीपीआई (माले) 12, सीपीआई 2 और सीपीएम के 2 सदस्य हैं. इसके अलावा AIMIM के 5 विधायक और लोजपा का एक विधायक भी सदन में दिखाई देगा. तेजस्वी यादव पिछली बार की तरह नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आएंगे.