



Ravneet Singh Bittu Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको रवनीत सिंह बिट्टू की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Ravneet Singh Bittu Latest News - हाल के दिनों में संसद परिसर में निलंबित कांग्रेस सांसद के समर्थन में बैठे राहुल गांधी और राज्यसभा सांसद व मोदी सरकार में मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोंक-झोंक देखने को मिली. जहां राहुल ने उन्हें गद्दार दोस्त कहकर सम्बोधन किया तो वही बिट्टू ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस को देश का दुश्मन कहा. ऐसे में जानते है, कौन है रवनीत सिंह बिट्टू, जो इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में बने हुए है. इस लेख में हम आपको रवनीत सिंह बिट्टू की जीवनी (Ravneet Singh Bittu Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
| पूरा नाम | रवनीत सिंह बिट्टू |
| उम्र | 50 साल |
| जन्म तारीख | 10 सितंबर 1975 |
| जन्म स्थान | लुधियाना, पंजाब |
| शिक्षा | बी.सी.ए. |
| कॉलेज | चंडीगढ़ और ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी |
| वर्तमान पद | केंद्रीय रेल राज्य, और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री |
| व्यवसाय | राजनीतिक |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| पिता का नाम | श्री स्वर्णजीत सिंह |
| माता का नाम | श्रीमती जसबीर कौर |
| पत्नी का नाम | अनुपमा झज्ज |
| बेटें का नाम | एक बेटा |
| बेटी का नाम | - |
| स्थाई पता | मकान नंबर 1, गांव-कोटला अफगाना, तह. पायल, जिला-लुधियाना, पंजाब |
| वर्तमान पता | 28, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली |
| फोन नंबर | 7814730532 |
| ईमेल | ravneet[dot]bittu[at]sansad[dot]nic[dot]in |
रवनीत सिंह बिट्टू का जन्म 10 सितंबर 1975 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था. रवनीत सिंह बिट्टू, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते है, जिनकी हत्या हो गई थी.उनकी पत्नी का नाम अनुपमा झज्ज है, चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी गृहिणी है. रवनीत सिंह बिट्टू धर्म से सिख है. उनपर 3 आपराधिक मामलें दर्ज है.
रवनीत सिंह बिट्टू ने चंडीगढ़ और ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी से बी.सी.ए. किया.
राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, मोदी सरकार में रेल राज्य व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री है. रवनीत सिंह के दादा बेअंत सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे. पंजाब के मुख्यमंत्री रहते वर्ष 1995 में खालिस्तानियों ने बेअंत सिंह की निर्मम हत्या कर दी थी. घटना 31 अगस्त, 1995 की है, जब बेअंत सिंह चंडीगढ़ के सेक्रेटेरियट परिसर में थे, तभी वहां जोर का एक धमाका हुआ और उस धमाके में बेअंत सिंह समेत एक दर्जन से भी ज्यादा लोगो की जान चली गई. बाद में, इस घटना की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकवादी संघठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने ली, इस घटना को बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सदस्य दिलावर सिंह बब्बर ने अंजाम दिया था, जो एक सुसाइड बॉम्बर था. दिलावर सिंह बब्बर परिसर में आकर स्वयं को बम से उड़ा दिया था, जिसकी चपेट में बेअंत सिंह समेत दर्जन भर से अधिक लोग आ गए थे. बताया जाता है कि बेअंत सिंह की उस निर्मम हत्या में उस समय के खालिस्तानी कमांडो फ़ोर्स शामिल थी. उसी के सहयोग से राज्य में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया.
राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू उन्ही बेअंत सिंह के पोते है. पहली बार उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 2009 के लोकसभा चुनाव में आनंदपुर साहिब से जीत हासिल की थी. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी डॉ. दलजीत सिंह चीमा को 67,204 वोटों के अंतर से हराया था. इसके बाद, कांग्रेस ने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. सीट बदलने के बाद भी रवनीत की यहां से भी जीत हासिल हो गई. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने आम आदमी पार्टी के हरविंदर सिंह फूलका को लगभग बीस हजार मतों के अंतर से मात देकर अपने दूसरे लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की. 2019 के चुनाव में भी इसी सीट से उनकी जीत हासिल हुई. यानि रवनीत सिंह को लुधियाना लोकसभा सीट से दो बार जबकि आनंदपुर साहिब से एक बार जीत हासिल हुई और इस तरह वह कुल मिलाकर तीन बार पंजाब से सांसद चुने जा चुके है.
2019 की जीत के बाद कांग्रेस में उनका कद बहुत बढ़ गया था, वे राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे, किसान आंदोलन के समय उन्होंने राहुल गांधी के साथ मिलकर केंद्र सरकार के विरूद्ध कई आंदोलन का नेतृत्व किया था. अब यही कारण है, संसद परिसर में हुए हाल के विवाद में राहुल गांधी ने उन्हें दोस्त कहकर संबोधन किया. इतना ही नहीं रवनीत सिंह 11 मार्च 2021 से 18 जुलाई 2021 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. जनवरी 2021 में, जन संसद कार्यक्रम के दौरान सिंघु सीमा पर उन पर हमला हुआ. उन्हें लोकसभा में पार्टी व्हिप नियुक्त किया गया. मार्च 2021 में, जब कांग्रेस लोकसभा नेता अधीर रंजन चौधरी 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में व्यस्त थे, तब उन्हें कुछ समय के लिए लोकसभा में कांग्रेस का नेता भी नियुक्त किया गया. फिर बाद के घटनाक्रम में, वर्ष 2023 में, उन्हें व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बम की धमकियां मिली.
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उनका कांग्रेस से आंतरिक मतभेद हो गया और फिर इसी के बाद ठीक लोकसभा चुनाव से पहले यानि, 24 मार्च 2024 को, वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बिट्टू को लुधियाना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया पर इस बार उनकी हार हो गई. आम आदमी पार्टी के मलविंदर सिंह कांग ने उन्हें लगभग ग्यारह हजार मतों के अंतराल से पराजित किया. इस हार के बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा का टिकट दिया और वे जीत गए. वर्तमान में वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद है. इसके साथ ही बाद में उन्हें सरकार में स्थान भी मिला और उन्हें केंद्र की मोदी सरकार में रेल राज्य व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया. वर्तमान में, वह इसी पद पर आसीन है.
2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार रवनीत सिंह बिट्टू की कुल संपत्ति 5.94 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 2.32 करोड़ रूपये का कर्ज भी हैं.
इस लेख में हमने आपको रवनीत सिंह बिट्टू की जीवनी (Ravneet Singh Bittu Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.


