



Rajendra Pal Gautam Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको राजेंद्र पाल गौतम की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Rajendra Pal Gautam Latest News - राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री है, जिनकी राजनीतिक गतिविधि दलित और बहुजन समाज पर केंद्रित रही है. पेशे से वकील रहे, राजेंद्र पाल स्वयं कई बार कानून की धज्जी उड़ा चुके है. उनका विवाद से पुराना संबंध रहा है. कभी हिन्दू देवी देवता का अपमान तो कभी देश की सेना के काम पर सवाल उठाकर दुश्मन देशों का सहयोग करना. अक्टूबर, 2022 में बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया और मिशन जय भीम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धर्मांतरण जैसे विवादित समारोह में उन्होंने खुलेआम भीड़ को हिन्दू देवी देवताओ के विरुद्ध भड़काया. इतना ही नहीं, उनके प्रकोप से देश की सेना भी नहीं अछूती नहीं रही है. उन्होने भारतीय सेना की पाकिस्तान के विरुद्ध की गई कार्रवाई और फिर सर्जिकल स्ट्राइक जैसे, देश के अति संवेदनशील बिषय पर भी जमकर विवादित बयान दिए थे. हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने वीडियो हटा ली. इस समय राजेंद्र पाल आम आदमी पार्टी से अलविदा कहकर कांग्रेस के पाले में चले गए है. इस लेख में हम आपको राजेंद्र पाल गौतम की जीवनी (Rajendra Pal Gautam Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
| पूरा नाम | राजेंद्र पाल गौतम |
| उम्र | 57 साल |
| जन्म तारीख | 26 अप्रैल 1968 |
| जन्म स्थान | दिल्ली |
| शिक्षा | एलएलबी |
| कॉलेज | दिल्ली विश्वविद्यालय |
| वर्तमान पद | केजरीवाल सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री |
| व्यवसाय | राजनीतिक |
| राजनीतिक दल | आम आदमी पार्टी |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| पिता का नाम | स्वर्गीय दलीप सिंह |
| माता का नाम | सुशीला देवी |
| पत्नी का नाम | - |
| बेटें का नाम | - |
| बेटी का नाम | - |
| स्थाई पता | - |
| वर्तमान पता | - |
| फोन नंबर | - |
| ईमेल | - |
राजेंद्र पाल गौतम का जन्म 26 अप्रैल 1968 को दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय दलीप सिंह हैं. उनकी पत्नी का नाम सुशीला देवी है, चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी शिक्षिका है. उनके दो बच्चे है. राजेंद्र पाल गौतम बौद्ध है.
राजेंद्र पाल गौतम ने वर्ष 1993 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी किया.
पेशे से वकील रहे राजेंद्र पाल गौतम अंबेडकरवादी और बौद्ध कार्यकर्ता हैं. उनकी राजनीतिक यात्रा 2014 में शुरू हुई. इसी वर्ष वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए और एक वर्ष बाद दिल्ली की छठी विधानसभा में विधायक चुने गए. आम आदमी पार्टी ने उन्हें दिल्ली की सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) से टिकट दिया. उन्होंने 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के करमवीर को 48,821 वोटों के अंतर से हराया. वे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में फिर से चुने गए. इस बार उन्होने लोजपा के संत लाल को भारी बहुमत से पराजित किया और दूसरी बार विधायक बने.
राजेंद्र पाल अपनी पहली जीत के बाद केजरीवाल कैबिनेट का हिस्सा भी रहे है. वह 14 फरवरी 2015 से 8 अक्टूबर 2022 तक केजरीवाल की तीसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे और उन्होंने दिल्ली सरकार में 'समाज कल्याण, एससी और एसटी, गुरुद्वारा चुनाव, महिलाएँ और बच्चे और जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना विभागों' का प्रभार संभाला था.
मंत्री रहते, उन्होंने केजरीवाल सरकार में जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना शुरू की गई. इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों को IIT JEE, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान की गई. कार्यक्रम शुरू होने पर लगभग 4,900 छात्रों ने मुफ्त कोचिंग कक्षाओं में दाखिला मिला. 2022 में, इस योजना के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में लगभग 15,000 छात्र नामांकित हुए.
9 अक्टूबर 2022 को उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. सितंबर, 2024 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए. जून, 2025 को कांग्रेस ने गौतम को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के अनुसूचित जाति विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया. इससे पहले इस पद पर राजेश लिलोठिया थे.
5 अक्टूबर 2022 को, बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया और मिशन जय भीम के तत्वावधान आयोजित के कार्यक्रम में गौतम ने हिन्दू धर्म के विरुद्ध जहर उगला. उन्होंने भोले-भाले दलित लोगो के दस हजार लोगो के समूह को बाईस प्रतिज्ञाओं को अपनाने को कहा. हिन्दू धर्म से बौद्ध धर्म में कन्वर्ट कराने वाले उस विवादित समारोह में उन्होंने दस हजार दलितों को हिंदू देवी-देवताओं की पूजा नहीं करने का संकल्प दिलाया. बताया जाता है, वार्षिक समारोह आयोजित करके ऐसी हिन्दू विरोधी प्रतिज्ञा दिलवाने का कार्य 1956 में डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा ली गई थी, जब अंबेडकर ने हिंदू धर्म का त्याग कर बौद्ध धर्म को अपना लिया था. दलित जातियों को 22 प्रतिज्ञाओं का पाठ करवाते हुए ये लोग उन्हें बौद्ध धर्म में कन्वर्ट करते हैं. राजेंद्र पाल गौतम के इस विवादास्पद काम के बाद भाजपा नेताओं ने उनके विरुद्ध कानूनी शिकायतें दर्ज कराईं.
2020 के विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार राजेंद्र पाल गौतम की कुल संपत्ति 1.88 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 73 लाख रूपये का कर्ज है.
इस लेख में हमने आपको राजेंद्र पाल गौतम की जीवनी (Rajendra Pal Gautam Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.


