



इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी ने जम्मूकश्मीर के हालातों पर चिंता करते हुए कहा था, 'जम्मू कश्मीर से हिंसा की कुछ खबरें आयी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पारदर्शी तरीके से इस मामले पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए. मैं सरकार से जम्मू-कश्मीर में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गोपनीयता के पर्दा उठाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह करता हूं.'Dear Governor Malik,
A delegation of opposition leaders & I will take you up on your gracious invitation to visit J&K and Ladakh. We won’t need an aircraft but please ensure us the freedom to travel & meet the people, mainstream leaders and our soldiers stationed over there. https://t.co/9VjQUmgu8u — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 13, 2019
Reports of unrest are emanating from J&K where the Govt. has imposed a media & communications black out. I urge the Govt. to take urgent steps to ensure the safety of every citizen in J&K and to lift the veil of secrecy. pic.twitter.com/hZCHyhSXkW — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 10, 2019इस पर राहुल गांधी को जवाब देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि मैं आपको यहां आने के लिए न्यौता देता हूं. मैं आपके लिए विमान भेजूंगा ताकि आप स्थिति का जायजा लीजिए और तब बोलिए. आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको ऐसे बात नहीं करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने में कोई सांप्रदायिक दृष्टिकोण नहीं है. हालांकि ताजा जारी बयान में राहुल गांधी के कश्मीर दौरे की इजाजत न देकर मलिक ने शांतिपूर्ण माहौल पर ध्यान केंद्रित रखने का मन बनाया है. मंगलवार को जम्मू कश्मीर राजभवन से एक बयान जारी हुआ है. इसमें राहुल गांधी से कश्मीर मुद्दे पर राजनीति न करने को कहा गया है. साथ ही उसमें ये भी कहा है कि प्रतिनिधिमंडल और विपक्षी पार्टी के नेताओं के दौरे से समस्याएं और बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा. एक तरीके से देखा जाए तो राहुल गांधी को जम्मू कश्मीर न आने के लिए सीधे तौर पर कहा जा रहा है.


