



सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रियंका ने सोनभद्र के उम्भा गांव में उन 10 गोंड आदिवासियों के परिजन से मुलाकात की जो पिछले महीने 17 जुलाई को जमीन के विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गये थे. इस बीच, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने प्रियंका के सोनभद्र दौरे को सियासी स्टंट बताते हुए इसे मीडिया की सुर्खियां बटोरने की कोशिश करार दिया है. उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सोनभद्र गोलीकांड मामले में यथासम्भव कठोरतम कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि जिस जमीन को लेकर वह वारदात हुई, उस पर कांग्रेस के शासनकाल में उसी के तत्कालीन विधान परिषद सदस्य और अन्य नेताओं ने कब्जा किया. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के ही राज में वह जमीन अवैध रूप से बेची गयी, जिसकी परिणति पिछले महीने गोलीकांड में 10 लोगों के मारे जाने के तौर पर हुई. शर्मा ने कहा ''प्रियंका को पार्टी के पहले के नेताओं के कृत्यों का पश्चात्ताप करना चाहिये. उनका आना राजनीतिक स्टंट के सिवा कुछ नहीं हैं.'' गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र स्थित इलाके में 17 जुलाई को जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे. मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने 19 जुलाई को सोनभद्र जा रहीं प्रियंका गांधी को मिर्जापुर जिला प्रशासन ने बीच में ही रोक लिया था. उनके धरने पर बैठने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया था. अगली सुबह गोलीकांड के पीड़ित कुछ परिवारों ने गेस्ट हाउस आकर प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के मंत्रियों ने इसे भी प्रियंका का राजनीतिक स्टंट करार देते हुए उम्भा कांड के लिये कांग्रेस को दोषी ठहराया था.चुनार के किले पर मुझसे मिलने आए उभ्भा गाँव के पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मैंने वादा किया था कि मैं उनके गाँव आऊँगी।
आज मैं उभ्भा गाँव के बहनों-भाइयों और बच्चों से मिलने, उनका हालचाल सुनने-देखने, उनका संघर्ष साझा करने #सोनभद्र जा रही हूँ। — Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 13, 2019


