



इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर घटना पर रोष जताया. पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, 'दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में बना सन्त रविदास मन्दिर केन्द्र व दिल्ली सरकार की मिली-भगत से गिरवाये जाने का बीएसपी ने सख्त विरोध करती है. इससे बीजेपी की आज भी हमारे सन्तों के प्रति हीन व जातिवादी मानसिकता साफ झलकती है.' मायावती ने मंदिर की पुन:निर्माण की मांग की.दलितों की आवाज़ का ये अपमान बर्दाश्त से बाहर है। यह एक जज़्बाती मामला है उनकी आवाज का आदर होना चाहिए।#SaveSantRavidasTemple
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 22, 2019
बी.एस.पी. की माँग है कि इस मामले में ये दोनों सरकारें कोई बीच का रास्ता निकाल के, अब अपने खर्चे से ही, इनके मन्दिर का पुनः निर्माण करवायें। — Mayawati (@Mayawati) August 14, 2019वहीं संत रविदास मंदिर को धवस्त किए जाने के खिलाफ दलितों का विरोध प्रदर्शन जारी है. बुधवार को इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों से भिड़ गए. घटना में कुछ जवानों को चोटें लगीं. हिंसक प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और दो मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया. पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में से एक के पास पिस्तौल मिली है. हथियार लाइसेंसी लग रहा है, लेकिन हम इसकी जांच कर रहे हैं. पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के साथ 50 लोगों को हिरासत में ले लिया है. बता दें, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 10 अगस्त को दिल्ली के तुगलकाबाद में सदियों पुराने गुरु रविदास मंदिर को ध्वस्त कर दिया था. फिलहाल इस रास्ते पर आवाजाही बंद कर दी गयी है.


