Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने बहनोई सचिन पायलट को लेकर सोमवार को एक ट्वीट जारी किया. हालांकि उन्होंने पायलट के पक्ष या विपक्ष की कोई बात नहीं कही, बल्कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर पर जबरदस्त वाली नाराजगी जाहिर करते हुए बघेल को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दे डाली. अब आप कहेंगे की ट्वीट भूपेश बघेल को लेकर था तो सचिन पायलट और राजस्थान की राजनीति से उसका क्या लेनादेना. तो आपको बता दें, इस ट्वीट का न सिर्फ पायलट से लेना देना था बल्कि बघेल के साथ-साथ उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरेजवाला को भी टैग किया है. चलिए आपको बताते हैं आखिर माजरा क्या है...
सोमवार को उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि वे ऐसे झूठे और घटिया आरोप सुनकर तंग हो गए कि राजस्थान में सचिन पायलट जो कुछ भी कर रहे हैं उसका किसी तरह से फारूक अब्दुल्ला या उनकी रिहाई से लेना देना है. इस मामले में उमर ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फटकार लगाई और कहा कि
बस अब बहुत हुआ @bhupeshbaghel मेरे वकीलों का सामना करने के लिए तैयार रहिए.
https://twitter.com/OmarAbdullah/status/1285189866225983490
दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंग्रेजी वेबसाइट 'द हिन्दू' से बातचीत के दौरान कहा था कि वे राजस्थान के घटनाक्रम का बारीकी से अध्ययन तो नहीं कर रहे हैं लेकिन ये हैरानी की बात है कि उमर अब्दुल्ला को रिहा क्यो किया गया? भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें और महबूबा मुफ्ती को एक ही धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था. जबकि महबूबा मुफ्ती अभी भी जेल में हैं और उमर अब्दुल्ला बाहर आ गए हैं, क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि उमर अबदुल्ला और सचिन पायलट के बीच रिश्तेदारी है.
बता दें कि राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ सचिन पायलट का प्रेम-विवाह उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला से हुआ है.
उमर अब्दुल्ला ने अपने इस ट्वीट साफ कहा है कि उनके वकील भूपेश बघेल को जल्द कानूनी नोटिस भेज रहे हैं.
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वहीं जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा है कि पार्टी ने भूपेश बघेल के बयान का संज्ञान लिया है. पार्टी राजनीति से प्रेरित ऐसे किसी भी बयान की सख्त निंदा करती है. पार्टी ने कहा है कि ये बयान न सिर्फ झूठ है बल्कि उमर अब्दुल्ला के सम्मान के खिलाफ भी है. पार्टी ने कहा है कि उमर अब्दुल्ला की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई थी. इसके बाद डिटेंशन ऑर्डर को वापस लिया गया था और तब उमर अब्दुल्ला को रिहा किया गया था. पार्टी ने कहा है कि इस बारे में वकीलों से सलाह ली जा रही है और उसके बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उमर अब्दुल्ला के ट्वीट के जरिये दिए गए बयान पर दुबारा अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनके द्वारा लगाया गया आरोप मात्र एक सवाल था और देश और वे यह सवाल पूछते रहेंगे.
https://twitter.com/OmarAbdullah/status
इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने फिर एक ट्वीट करते हुए कहा कि वे अपने जवाब उनके वकील को भेज सकते हैं. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस के साथ यही दिक्कत है कि उसे अपने मित्रों की पहचान नहीं है, इसलिए उनकी ये हालत हुई है. उमर ने कहा कि भूपेश बघेल का सवाल अपमानजनक था और इसपर उचित कानूनी कार्रवाई होगी.