अब पायलट कैम्प के नेता ने की VAT कम करने की मांग तो चन्नी सरकार ने भी बढ़ाई CM गहलोत की दुविधा

अपनों ने बढ़ाई गहलोत सरकार की मुश्किल!
9 Nov 2021
Politalks.News/Rajasthan. पेट्रोल-डीजल को लेकर मरुधरा की राजनीति गर्माई हुई है. भाजपा के दिग्गज गहलोत सरकार को जोरदार तरीके से घेर रहे हैं और सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं. इसी बीच बीजेपी नेताओं के साथ अब अपनी ही पार्टी यानी कांग्रेस के दिग्गज ने गहलोत सरकार को घेरा है. सचिन पायलट कैम्प के खास सिपहसालार माने जाने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी ने गहलोत सरकार से डीजल-पेट्रोल पर तत्काल वैट कम करने की मांग की है. चौधरी ने कहा कि, 'केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी में कमी के बाद अब राज्य सरकार को अविलंब पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करना चाहिए. जब हमारे पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा वैट कम कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं'? वहीं दूसरी और पंजाब की चन्नी सरकार के एक विज्ञापन ने भी गहलोत सरकार की दुविधा बढ़ा दी है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली जाएंगे और कांग्रेस आलाकमान से विचार विमर्श कर इस पर कोई फैसला लेंगे. https://www.youtube.com/watch?v=n0TxpYjkdS8 अपनी ही सरकार पर पहले भी कई बार हमला बोल चुके पीसीसी उपाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि, 'राजस्थान में पड़ोसी राज्यों की तुलना में डीजल-पेट्रोल पर वैट ज्यादा होने से रेट ज्यादा है, जिससे लोगों और सरकार दोनों को नुकसान हो रहा है. राजस्थान में वैट ज्यादा होने से पंजाब, हरियाणा, यूपी, गुजरात के बॉर्डर के जिलों के सैकड़ों पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर हैं. लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट व्हीकल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, यूपी से ही तेल भरवाते हैं. इन राज्यों की सीमा से लगते लोग भी पड़ोसी राज्यों से ही डीजल-पेट्रोल लेते हैं. वैट ज्यादा होने से हमें रेवेन्यू का भारी नुकसान हो रहा है. ऐसे में गहलोत सरकार को चाहिए कि वह पड़ोसी राज्यों की तुलना में हमारे यहां वैट सबसे कम कर दे, ताकि पड़ोसी राज्यों के लोग राजस्थान में पेट्रोल-डीजल लेने आएं. इससे रेवेन्यू बढ़ जाएगा. मौजूदा हालत में और कोई विकल्प नहीं बचा है.' यह भी पढ़ें- यमुना के ‘जहरीले झाग’ को लेकर कविराज का जोरदार तंज, केजरीवाल को बताया ‘लघुकाय लंपट’ बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं चौधरी आपको बता दें कि पीसीसी उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी पायलट कैंप के खास सिपहसालार माने जाते हैं. इसके साथ ही चौधरी अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री गहलोत के कार्यों पर बेबाक टिप्पणी करने के लिए भी जाने जाते हैं. अब चौधरी ने वैट कम करने की मांग उठाकर अपनी ही सरकार को पसोपेश में डाल दिया है. इधर मंत्रिमंडल पुनर्गठन और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चौधरी की मानें तो प्रियंका गांधी राहुल गांधी और अजय माकन के निर्देश पर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बातें तय हो गई हैं. जिसके तहत प्रदेश संगठन राजनीतिक नियुक्तियां व मंत्रिमंडल पुनर्गठन में पायलट गुट को तवज्जो दी जाएगी. लेकिन वे लोग कौन होंगे इसको लेकर स्थिति साफ नही हुई है. यह भी पढ़ें-वैट कम कराने के लिए राज्यों में प्रतिस्पर्द्धात्मक माहौल बनाना गलत- CM गहलोत ने लिखा PM मोदी को पत्र पंजाब सरकार के विज्ञापन ने भी बढ़ाई सरकार की दुविधा इधर पंजाब की चन्नी सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपए और डीजल पर 5 रुपए लीटर वैट कम किया है. पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का पंजाब सरकार ने अखबारों और होर्डिंग्स में विज्ञापन भी दिया है, लेकिन उसमें चार राज्यों में सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल राजस्थान में होने की बात लिखी गई है. सबसे बड़ी बात पंजाब के प्रभारी होने के नाते इस विज्ञापन में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी की फ़ोटो भी छपी है. जिसको लेकर बीजेपी लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है. ऐसे में पंजाब की कांग्रेस सरकार के विज्ञापन से राजस्थान की गहलोत सरकार की दुविधा बढ़ा दी है. राजस्थान में पेट्रोल पर 36 फीसदी और डीजल पर 26 फीसदी वैट है. इस विज्ञापन को लेकर भाजपा भी गहलोत सरकार पर हमलावर है.