मोदी ने फिर छेड़ा लालू परिवार को, रोहिणी ने साधा निशाना- वो नेता तो क्या, इंसान कहलाने के लायक नहीं

'राबड़ी देवी को सीधे मुख्यमंत्री बनवा कर क्या लालू प्रसाद संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था को दुरुस्त करने की "क्रांति " कर रहे थे?'-मोदी, 'महिलाओं के प्रति, इसी घिनौनी सोच के कारण, डबल इंजन की सरकार ने बालिका गृह कांड को दिया अंजाम'- रोहिणी

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मोदी ने फिर छेड़ा लालू परिवार को, रोहिणी ने साधा निशाना
मोदी ने फिर छेड़ा लालू परिवार को, रोहिणी ने साधा निशाना
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Politalks.News/BiharPolitics. प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद एक बार फिर लालू परिवार के निशाने पर आ गए है. इस बार सुशील कुमार मोदी सीधे लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा है, जिसके बाद मोदी एक बार फिर लालू की बेटी के निशाने पर आ गए हैं. राबड़ी देवी के बहाने लालू यादव पर निशाना साधते हुए सुशील मोदी ने कहा कि घरेलू महिला राबड़ी देवी को सीधे मुख्यमंत्री बनवा कर क्या लालू प्रसाद संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था को दुरुस्त करने की “क्रांति ” कर रहे थे?. मोदी के इस बयान के बाद लालू की बेटी रोहिणी आचार्य और राजद नेता ने मोदी को आड़े हाथ लिया. रोहिणी ने कहा कि आपकी मानसिकता बता रही है कि घरेलू महिला या महिलाओं के प्रति आप की कैसी ओछी सोच है ?.

दरअसल बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने संपूर्ण क्रांति दिवस पर लोगों को बधाई दी और संपूर्ण क्रांति की याद दिलाई. लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘जब तंत्र जन पर हावी हो जाए, तंत्र को विकृत बनाकर जन को ही गौण किया जाने लगे तब व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए “सम्पूर्ण क्रांति” अपरिहार्य हो जाता है. सम्पूर्ण क्रांति दिवस की सभी नागरिकों को शुभकामनाएँ!. यह सच्चे लोकतंत्र का पर्व है. जन जागरण दिवस है. सजग नागरिकों का दिवस है’. सुशील मोदी को लालू का ये बयान बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘घरेलू महिला राबड़ी देवी को सीधे मुख्यमंत्री बनवा कर क्या लालू प्रसाद संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था को दुरुस्त करने की ‘क्रांति’ कर रहे थे?’.

सुशील मोदी ने अपने अगले ट्वीट में कहा कि ‘जिसने सत्ता को बेनामी संपत्ति बनाने का निर्लज्ज माध्यम बनाकर जेपी की संपूर्ण क्रांति का विकृत मॉडल पेश किया, उन्हें संपूर्ण क्रांति दिवस पर ज्ञान देने के बजाय प्रायश्चित करना चाहिए!’. सुशील मोदी के इस बयान के बाद लालू की बेटी शांत रहे ये सामान्य नहीं है. रोहिणी आचार्य ने सुशील मोदी की सोच को ओछी सोच वाला व्यक्ति बतया.

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रोहिणी आचार्य ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आपकी मानसिकता बता रही है, घरेलू महिला या, महिलाओं के प्रति, कैसी आप की ओछी सोच है ? जिसको मां बहनों का भी सम्मान करने का संस्कार नहीं, वो नेता तो क्या ? इंसान कहलाने के लायक नहीं..!!. रोहिणी आचार्य ने अपने इस ट्वीट एक नोट भी लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि ‘महिलाओं के प्रति, इसी घिनौनी सोच के कारण, डबल इंजन की सरकार ने बालिका गृह कांड का अंजाम दिया!!.

रोहिणी ने अपने अगले ट्वीट में कहा कि क्या घरेलू महिला, क्रांति नहीं ला सकती, जिसके मुंह से ये बात निकली, महिला और भारतीय समाज का, उपहास और अपमान करने का, उसने घोर अनैतिक पाप किया. रोहिणी यादव के आलावा राजद नेता जयंत जिज्ञासु ने भी सुशील मोदी की सोच पर सवाल उठाया. जिज्ञासु ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘देश आजाद हुआ 15.8.47 को. लालूजी CM बने 10.3.90 को. बीच के 43 वर्षों तक किसी ने रोका था बिहार मे किसी PhD, पोस्ट डॉक की हुई महिला को CM बनाने से? राबड़ी देवी जी तो 25.7.97 को CM बनीं, आजादी के 50 बरसों बाद! आते ही बिहार की हर कमिश्नरी मे OBC-EBC लड़कियों के लिए आवासीय स्कूल खोला.’

दरअसल ये पहली बार नहीं है जब सुशील कुमार मोदी राजद और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी यादव के निशाने पर आये हैं. सुशील मोदी कई बार तथ्यों और दस्तावेजों के जरिए लालू परिवार पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं. बता दें कि तेजस्वी यादव द्वारा अपने सरकारी आवास में 50 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू करने को लेकर भी सुशील कुमार मोदी और रोहिणी आचार्य के बीच तीखी बहस हो चुकी है.

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